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बिलासपुर, 31 जुलाई। State Vigilance & Anti-Corruption Bureau Police Station Bilaspur में तीन माह पहले दर्ज धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामले में आरोपी को घुमारवीं न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट नंबर-3 ने दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच और आरोपी से हिरासत में पूछताछ के लिए दो दिन की पुलिस कस्टडी मांगी थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
आरोपी को वीरवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने रिकॉर्ड और मामले की परिस्थितियों का अवलोकन करने के बाद पुलिस की रिमांड अर्जी स्वीकार की। आरोपी की ओर से जमानत आवेदन भी दायर किया गया है, जिस पर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि निष्पक्ष जांच, निष्पक्ष सुनवाई की आधारशिला है और जांच अधिकारी का दायित्व है कि वह मामले की वास्तविक सच्चाई सामने लाए। अदालत ने यह भी कहा कि जांच में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।
अदालत ने माना कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और आरोपी से हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। इसके बाद आरोपी को 31 जुलाई 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजने के आदेश दिए गए। आरोपी को 31 जुलाई को दोपहर 2 बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जमानत आवेदन पर जवाब भी उसी दिन दाखिल करने को कहा गया है।
बताते चलें कि State Vigilance & Anti-Corruption Bureau Police Station Bilaspur में 2 अप्रैल 2026 को एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, दस्तावेजों की जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल, आपराधिक अतिक्रमण और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंकों से लाखों रुपये का लोन लेने से संबंधित गतिविधियों की जांच एजेंसी द्वारा की जा रही है।
अदालती आदेश में आरोपी के मेडिकल रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया गया है। रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं पाई गई। पुलिस रिमांड के दौरान जांच एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों, लेन-देन और अन्य तथ्यों को लेकर आरोपी से पूछताछ करेगी।
