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हिमाचल: दिल की बीमारी का इंजेक्शन निकला नकली, कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई

Anil Kashyap
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न्यूज अपडेट्स 
शिमला, 21 जून। हिमाचल प्रदेश राज्य औषधि प्रशासन ने हृदय रोगियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले एक महत्वपूर्ण इंजेक्शन के नकली पाये जाने का मामला सामने आने के बाद काला अंब स्थित एक दवा निर्माता कंपनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (सीडीटीएल), मुंबई की रिपोर्ट के आधार पर कंपनी के सभी दवा निर्माण लाइसेंसों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। कंपनी द्वारा निर्मित और लाइसेंस प्राप्त सभी उत्पादों के निर्माण, बिक्री और वितरण पर भी रोक लगा दी गयी है।

यह मामला एडेनोसिन इंजेक्शन आईपी 6 मिलीग्राम / 2 मिलीलीटर (काडिर्युरेक्स) के एक बैच से जुड़ा है। इस इंजेक्शन का उपयोग आपातकालीन चिकित्सा स्थितियों में दिल की असामान्य और तेज धड़कनों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। मुंबई स्थित केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला ने परीक्षण के लिए भेजे गए नमूने को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 17-बी के तहत 'स्पुरियस' यानी नकली दवा घोषित किया है। सीडीटीएल देश की अग्रणी दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं में से एक है। यहां दवाओं की गुणवत्ता और प्रामाणिकता का सत्यापन किया जाता है। रिपोर्ट प्राप्त होने पर, राज्य औषधि प्रशासन ने इस मामले को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर जोखिम माना और तत्काल नियामक कार्रवाई शुरू कर दी। लाइसेंसिंग प्राधिकरण की ओर से जारी आदेश के तहत फॉर्म 25 और फॉर्म 28 के तहत कंपनी को दिए गए सभी निर्माण लाइसेंस रद्द कर दिये गये हैं। इन लाइसेंसों के तहत स्वीकृत सभी उत्पादों की अनुमतियां भी वापस ले ली गयी हैं। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और राज्य औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने हाल ही में कंपनी का जोखिम-आधारित निरीक्षण किया था।

यह कार्रवाई निरीक्षण के दौरान जुटाए गए निष्कर्षों और प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर की गयी है। इस इंजेक्शन के निर्यात को लेकर भी जांच चल रही है और इस मामले में अलग से कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने पुष्टि की कि केंद्रीय प्रयोगशाला की रिपोर्ट में काला अंब स्थित कंपनी द्वारा निर्मित बैच को नकली पाया गया है। रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कंपनी का विनिर्माण लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। राज्य औषधि नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने कहा कि दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने वाले निर्माताओं के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। एडेनोसिन इंजेक्शन एक जीवन रक्षक दवा है, जिसका उपयोग दिल की धड़कन से जुड़े कुछ गंभीर विकारों में किया जाता है। इसका आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और अस्पतालों में उपयोग किया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसी दवा नकली या खराब गुणवत्ता की हो, तो यह मरीज के जीवन के लिए सीधा खतरा पैदा कर सकती है। इसलिए इस मामले को दवा सुरक्षा की एक गंभीर घटना माना जा रहा है।

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