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हिमाचल: मीट में मिले टीबी के लक्षण, विभाग ने 6 बकरों का मीट किया नष्ट

Anil Kashyap
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न्यूज अपडेट्स 
शिमला, 09 मई। जिला के रामपुर स्थित स्लॉटर हाउस में पशु वध प्रक्रिया के दौरान गंभीर खामियां सामने आई हैं. औचक निरीक्षण के दौरान नियमों की अनदेखी पाए जाने पर प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लेते हुए 6 पशुओं के मांस को मानव उपयोग के लिए असुरक्षित घोषित कर नष्ट करने के निर्देश दिए।

उप-मंडलीय पशु चिकित्सालय ज्योरी के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी ने रामपुर स्थित स्लॉटर हाउस के निरीक्षण में पाया गया कि संबंधित पशु अधिकारी की अनुपस्थिति में ही पशुओं का वध किया जा रहा था. प्रशासन ने पूर्व में सुबह 8:30 बजे निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन ठेकेदारों ने निरीक्षण से पहले ही कई पशुओं को काट दिया था. ये स्लॉटर हाउस नियम 2001 का सीधा उल्लंघन है।

सबसे चौंकाने वाली बात निरीक्षण के दौरान सामने आई. वध किए गए 6 पशुओं के फेफड़ों और लिवर में संदिग्ध गांठें पाई गईं, जो क्षय रोग (टीबी) के प्राथमिक लक्षण हैं. ऐसा मांस खाने से 60 से 70 फीसदी रोग मनुष्य में फैलने का खतरा रहता है. निरीक्षण के बाद पशु पालन विभाग रिपोर्ट तैयार करने में जुट गया है. यह रिपोर्ट जल्द ही एसडीएम रामपुर और नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को सौंपी जाएगी. विभाग ने इस मांस को तुरंत रिजेक्ट कर दिया।

पशु चिकित्सकों ने मीट के सैंपल भरे, जिनकी जांच की जाएगी. वहीं, मीट विक्रेताओं ने विभागीय कार्रवाई का रोष जताया और बकरे के शरीर के जिस भाग में बीमारी के लक्षण हैं, उसे ही हटाने की मांग की है. ज्योरी पशु चिकित्साल्य के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल शर्मा ने कहा कि ' मीट में टीबी के लक्षण मिले थे. अब पशु वध से पहले एंटी-मॉर्टम और वध के बाद पोस्ट-मॉर्टम की जांच सुबह 7 बजे से अनिवार्य रूप से की जाएगी. साथ ही नगर परिषद रामपुर से आग्रह है कि वो अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती करे, ताकि निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा सके. लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा.'

पशुपालन विभाग के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारियों ने कहा कि रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचने वाले बकरे राजस्थान से लाए जा रहे हैं. इनमें अधिक बीमारियां और संक्रमण मिल रहे हैं. स्थानीय बकरे का मीट उपलब्ध है, तो उसे खरीदें, जो बाहरी राज्यों से बकरे लाए जा रहे हैं, उसकी पूरी जांच के बाद ही खरीद की जानी चाहिए. इसके अलावा मीट को 100 डिग्री के ऊपर पकाकर खाएं. इस निरीक्षण के दौरान तहसीलदार, डॉक्टर अनिल शर्मा, नगर परिषद के जेई और पशुपालन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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