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मंडी, 14 अप्रैल। मंडी के सरकाघाट में 19 वर्षीय छात्रा सिया गुलेरिया की निर्मम हत्या के बाद मंगलवार को उनके पैतृक गांव में नम आंखों से अंतिम संस्कार किया गया। इस दर्दनाक घटना से पूरा क्षेत्र शोक में डूबा नजर आया। सुबह से ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और सैकड़ों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों व विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने अंतिम विदाई में शामिल होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और मां-बाप की चीख-पुकार ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। इस घटना ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। उपस्थित लोगों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
इस बीच, स्थानीय लोगों और संगठनों ने घटना के पीछे व्यवस्थागत कमियों की ओर भी ध्यान दिलाया। माकपा नेता भूपेंद्र सिंह ने कहा कि यदि नैण गांव के लिए नियमित बस सेवा जारी रहती तो संभवतः यह घटना टल सकती थी। बस सेवा बंद होने के कारण छात्रा को पैदल लंबी दूरी तय करनी पड़ी, जहां वह हमले का शिकार हुई। उन्होंने बंद बस रूट को तुरंत बहाल करने और क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत की मांग की।
घटना के विरोध में सरकाघाट में विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और सिया को न्याय दिलाने का संकल्प लिया। प्रदर्शन में छात्र संगठनों, व्यापार मंडल, महिला समूहों और अन्य सामाजिक संगठनों ने भाग लिया। सभी ने आरोपी को कड़ी सजा, परिवार को आर्थिक सहायता, क्षेत्र में बढ़ते नशे पर रोक और बस सेवाएं बहाल करने की मांग की।
मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि “यह हमारी बेटी थी” और दोषी को सख्त से सख्त सजा दिलाने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग न्याय की मांग को लेकर एकजुट हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की उम्मीद कर रहे हैं।
