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शिमला, 06 अप्रैल। एचआरटीसी बसों में रियायती दरों पर सफर करने के लिए प्रदेश सरकार ने पुलिस कर्मचारियों को हिम बस कार्ड बनाने के लिए लगने वाले शुल्क 200 रुपए जीएसटी में छूट दी है, लेकिन बसों में रियायती दरों में सफर के लिए पुलिस कर्मचारियों को हिम बस कार्ड बनाना होगा। यह कार्ड एचआरटीसी नि:शुल्क बनाएगा। ऐसे में पुलिस कर्मचारियों को एचआरटीसी के ऑनलाइन हिम बस कार्ड पोर्टल पर आवेदन करना होगा और सभी दस्तावेज ऑनलाइन जमा करवाना होंगे।
आवेदन के दौरान पुलिस कर्मचारियों की फीस नहीं लगेगी, लेकिन अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद हिम बस कार्ड पुलिस कर्मचारी द्वारा चयनित कलैक्टिंग सैंटर से लेना होगा। पुलिस कर्मचारियों को भी अन्य रियायती दरों में सफर करने वाले यात्रियों की तरह कार्ड पर ही रियायती दरों पर बसों में सेवा मिलेगी।
बिना हिम बस कार्ड के पुलिस कर्मचारी का भी बसों में किराया लगेगा। निगम अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने रियायती दरों में सफर करने वालों के लिए हिम बस कार्ड अनिवार्य किया है। सिर्फ पुलिस कर्मचारियों को हिम बस कार्ड बनाने की शुल्क में छूट दी है। यानी उन्हें हिम बस कार्ड बनाने के २३६ रुपए नहीं देने होंगे, लेकिन हिम बस कार्ड तो पुलिस कर्मचारी को भी बनाना होगा। इस प्रकिया से प्रदेश में पुलिस कर्मचारियों को रिकार्ड भी निगम प्रबंधन के पास रहेगा कि कितने पुलिस कर्मचारी निगम की बसों में सफर करते हैं।
निगम की बसों में कांस्टेबल से लेकर इंस्पैक्टर रैंक तक के करीब 16 हजार पुलिस कर्मचारी सफर करते हैं। निगम की बसों में रियायती सफर के लिए पुलिस कर्मचारियों के वेतन से हर महीने 500 रुपए काटकर विभाग एचआरटीसी को भुगतान करता है।
निगम का तर्क है कि हिम बस कार्ड योजना का उद्देश्य मुफ्त यात्रा की सुविधा को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि मुफ्त सफर का लाभ केवल पात्र कर्मियों को ही मिले। एचआरटीसी अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से निगम को यह स्पष्ट आंकड़ा मिलेगा कि कितने कर्मचारी मुफ्त यात्रा कर रहे हैं।
