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मंडी, 09 अप्रैल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह फाइल 'अप्रूव' पर लिखते ही आदेश जारी हो जाते थे। जबकि अब मुख्यमंत्री के अप्रूव के बाद भी तीन-तीन महीने ऑर्डर नहीं हो रहे हैं। जब आदेश आते हैं तो पद भर जाता है। सरकार को भी इस बारे में बताया था। जबकि बीच भाजपाई हाथोंहाथ ऑर्डर ले आते हैं। इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी और निराशा है।
मंडी के बिजणी में हुए कार्यक्रम में कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि उन्होंने कुछ प्रधानाचार्यों के नाम दिए, लेकिन जिनका नाम दिया उन्हें दूसरी जगह भेज दिया। बांधी को भेजने वाले को काजा के किब्बर में भेज दिया। नगवाई वाले को बाड़ा में भेज दिया गया। कहा कि फिर क्या फायदा अपनी पार्टी का, ख्याल रखना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कई स्कूलों में अभी भी शिक्षकों की कमी है और पदोन्नत शिक्षकों को बाहर भेज दिया गया है। लोगों के प्रश्न करने पर कहा कि वह चिट्ठी भेजते हैं, चाहे बाई हैंड चिट्ठी ली जा सकती है। उनका काम पत्र पहुंचाना है, वह काम के लिए सचिव के पास नहीं जा सकते हैं कि काम करो। हालांकि, फोन कर जरूर कहते हैं।
कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि वीरभद्र सिंह वन टू फाइव अप्रूव लिखते थे तो तुरंत आदेश हो जाते थे, फिर कोई नहीं टाल सकते थे। अब मुख्यमंत्री अप्रूवड लिख देते हैं, लेकिन आगे नोट अफसर स्तर पर पता नहीं कहां चला जाता है। कहा कि काम तो सरकारी तौर पर होने चाहिए।
