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हिमाचल: CM के मीडिया एडवाइजर के बेटे की 3-4 महीने से चल रही थी किडनैपिंग की प्लानिंग, दो और आरोपी गिरफ्तार

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शिमला, 25 मार्च। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के मशोबरा क्षेत्र में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) के बेटे आर्यन चौहान के अपहरण और फिरौती मांगने के प्रयास के मामले में जिला पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात की कड़ियां जोड़ते हुए 2 और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस वारदात की साजिश रचने वाले सभी पांचों आरोपी अब सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। पुलिस की गहन जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी इस हाई-प्रोफाइल अपहरण की वारदात को अंजाम देने के लिए पिछले 3 से 4 महीनों से योजना बना रहे थे। 20 मार्च को तारापुर इलाके में हुई इस घटना के समय सभी पांचों आरोपी एक ही वाहन में सवार थे। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है कि वारदात के समय सभी आरोपी घटनास्थल पर एक साथ मौजूद थे।

पुलिस ने पूर्व में गिरफ्तार किए गए शातिर आरोपी मनीष वर्मा उर्फ मोनू से जब सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपने अन्य साथियों के राज उगल दिए। इसी आधार पर पुलिस ने 2 और आरोपियों को धर दबोचा। पहले आरोपी राजेंद्र कुमार उर्फ राजू (42) निवासी गांव कुमाहली (शिमला) को मशोबरा के पास से हिरासत में लिया गया। वहीं, दूसरे आरोपी मनमोहन चौहान उर्फ अनु (36) निवासी गांव मैना (ठियोग) को ठियोग ट्रक यूनियन के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इन दोनों को ढली पुलिस थाने में विधिवत गिरफ्तार कर लिया है और बुधवार को इन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

इस मामले में पुलिस ने सबसे पहले तीन आरोपियों चरणजीत सिंह, टशी छेरिंग नेगी और मनीष वर्मा को गिरफ्तार किया था। इन तीनों को 24 मार्च को अदालत में पेश किया गया था, जहां से कोर्ट ने उन्हें 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस रिमांड के दौरान इन तीनों से फिरौती की पूरी योजना और इस साजिश से जुड़े अन्य अहम पहलुओं को लेकर विस्तार से पूछताछ की जा रही है।

इस बड़ी कामयाबी पर शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए सभी संलिप्त आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। एसएसपी ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शिमला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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