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मंडी, 08 मार्च। करीब 50 वर्ष पहले बने पंडोह डैम के निर्माण के दौरान बनाई गई डायवर्सन टनल अब बिजली उत्पादन के लिए उपयोग में लाई जाएगी। प्रदेश सरकार ने इस टनल के माध्यम से 10 मेगावॉट के पावर प्रोजेक्ट की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय आज हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
जानकारी के अनुसार, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) ने करीब दो वर्ष पहले इस परियोजना का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा था, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है। यह पावर प्रोजेक्ट पंडोह डैम से कुछ दूरी आगे स्थापित किया जाएगा, जहां उसी पानी से बिजली उत्पादन किया जाएगा जो वर्तमान में डैम से सीधे ब्यास नदी में छोड़ा जाता है।
गौरतलब है कि वर्तमान में पंडोह डैम से सलापड़ में बिजली उत्पादन के लिए टनल के माध्यम से पानी बग्गी की ओर भेजा जाता है। इसके बाद जो अतिरिक्त पानी बच जाता है, उसे सीधे ब्यास नदी में छोड़ दिया जाता है। नई योजना के तहत अब इस अतिरिक्त पानी से पहले बिजली उत्पादन किया जाएगा और उसके बाद ही इसे ब्यास नदी में छोड़ा जाएगा।
बीबीएमबी ने लंबे विचार-विमर्श के बाद इस परियोजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजा था। मंजूरी देते समय प्रदेश सरकार ने यह शर्त भी रखी है कि बीबीएमबी द्वारा उपयोग में न लाई जा रही भूमि को राज्य सरकार को वापस किया जाएगा।
