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शिमला, 12 फरवरी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल ने टोल टैक्स बैरियर नीति 2026-27 तथा आबकारी नीति 2026-27 को स्वीकृति प्रदान की। इसके साथ ही आगामी विधानसभा बजट सत्र के दौरान दिए जाने वाले राज्यपाल के अभिभाषण को भी मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने महिला होम गार्ड स्वयंसेवकों को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। वहीं, ‘इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ में संशोधन कर अब विधवाओं की बेटियों को राज्य के भीतर व बाहर सरकारी संस्थानों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। छात्रावास सुविधा न होने की स्थिति में उन्हें 3,000 रुपये प्रतिमाह किराया सहायता भी मिलेगी।
कैबिनेट ने ‘इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना’ को लागू करने को मंजूरी दी, जिसके तहत छह वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं व धात्री माताओं को उन्नत पूरक पोषण उपलब्ध कराया जाएगा। दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह अनुदान में भी भारी वृद्धि की गई है। 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को अब 2 लाख रुपये तथा 40 से 70 प्रतिशत दिव्यांगता वालों को 25,000 रुपये का अनुदान मिलेगा।
शिक्षा क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए प्रस्तावित सीबीएसई स्कूलों के लिए 600 पदों (संस्कृत, शारीरिक शिक्षा, संगीत और ड्राइंग शिक्षकों के 150-150 पद) के सृजन को मंजूरी दी गई है। ये पद राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरे जाएंगे। इसके अतिरिक्त, राज्य भर के 31 बालक व बालिका विद्यालयों को सह-शिक्षा विद्यालयों में विलय करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, 777 अतिरिक्त विद्यालयों में डिजिटल क्लासरूम परियोजना लागू होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने चिकित्सा महाविद्यालयों, सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों और आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के आधुनिकीकरण हेतु 1,617.40 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी। इसके तहत कमला नेहरू अस्पताल शिमला, मातृ एवं शिशु अस्पताल सुंदरनगर व नूरपुर, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना, नागरिक अस्पताल भोरंज के क्रिटिकल केयर ब्लॉक तथा क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर की जिला जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला के लिए आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे।
डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन में इम्यूनोहेमेटोलॉजी एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग स्थापित किया जाएगा। सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में बायोमेडिकल उपकरण प्रबंधन एवं अनुरक्षण कार्यक्रम लागू होगा।
भर्ती निदेशालय में कनिष्ठ अभियंता (सिविल) के 190 तथा कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के 151 पद सृजित होंगे। स्वास्थ्य विभाग में फार्मेसी अधिकारी के 40, सहायक स्टाफ नर्स के 150, रेडियोग्राफर के 30 पद भरे जाएंगे। बद्दी, ऊना और नूरपुर में औषधि परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी। फूड सेफ्टी ऑफिसर के 10 पद भी सृजित होंगे।
लोक निर्माण विभाग के लिए रोड ड्रेनेज नीति तथा बिटुमिनस सड़कों के गड्ढों की मरम्मत हेतु मानक संचालन प्रक्रिया को मंजूरी दी गई। सिरमौर जिले में लोक निर्माण विभाग मंडलों का विधानसभा क्षेत्रों के अनुरूप पुनर्गठन होगा।
खेलों को बढ़ावा देते हुए बिलासपुर के लुहणू खेल छात्रावास की क्षमता 80 से बढ़ाकर 100 की जाएगी। चौपाल में वॉलीबॉल, शिलाई में कबड्डी, जुब्बल में बालिकाओं के लिए बॉक्सिंग और मोरसिंघी (बिलासपुर) में हैंडबॉल खेल छात्रावास खोले जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, चंबा जिले में डिस्टिल ग्लोबल स्किल्स एवं डिजिटल विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश राज्य लॉटरी (विनियमन) नियम, 2026 के लिए मंत्रिमंडलीय उप-समिति का गठन किया गया है।
