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मंडी, 08 फरवरी। जिला मंडी के सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र में बिजली चोरी का एक गंभीर मामला सामने आया है। बिजली बोर्ड की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने कार्रवाई करते हुए भारतीय जनता पार्टी से जुड़े एक स्थानीय नेता को रंगे हाथों बिजली चोरी करते पकड़ा है। विभागीय जांच में स्पष्ट साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी पर 99 हजार 77 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसे मौके पर ही डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करवा दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकाघाट क्षेत्र की कस्मेला पंचायत के रोपड़ी गांव निवासी भाजपा नेता, जो वर्तमान में पार्टी में जिला उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं, पिछले करीब एक वर्ष से अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर रहे थे। बिजली बोर्ड को लंबे समय से उनके परिसर में लगे मीटर की खपत को लेकर संदेह था, क्योंकि 125 यूनिट मुफ्त बिजली सुविधा के बावजूद मीटर रीडिंग लगातार असामान्य रूप से बेहद कम दर्ज हो रही थी।
संदेह के आधार पर बिजली बोर्ड की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने सहायक अभियंता (एई) और एसडीओ की मौजूदगी में अचानक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि मुख्य सर्विस पीवीसी वायर को पंचर कर मीटर को बायपास किया गया था और सीधे अवैध कनेक्शन के जरिए बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था। मौके पर बिजली चोरी से जुड़े सभी साक्ष्य एकत्र किए गए और पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करवाई गई, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का विवाद न हो।
बिजली बोर्ड के अनुसार, आरोपी द्वारा लगभग एक वर्ष से बिजली चोरी की जा रही थी, जिससे विभाग को आर्थिक नुकसान हुआ। नियमों के तहत बिजली चोरी का मामला दर्ज करते हुए जुर्माना लगाया गया। आरोपी ने मौके पर ही अपनी गलती स्वीकार कर ली और निर्धारित राशि विभाग को जमा करवा दी।
इस मामले को लेकर बिजली विभाग के एसडीओ राजीव शुक्ला ने कहा कि बिजली चोरी एक गंभीर अपराध है और विभाग ऐसे मामलों पर लगातार कड़ी नजर रखे हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी व्यक्ति चाहे किसी भी राजनीतिक दल या पद से जुड़ा हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं अधिशासी अभियंता राजकुमार गुप्ता ने भी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि विभाग आगे भी बिजली चोरी के खिलाफ इसी तरह सख्त अभियान जारी रखेगा। बिजली विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे अवैध कनेक्शन से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि बिजली व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाया जा सके।
