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शिमला, 22 फरवरी। हिमाचल प्रदेश में संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों तक वित्तीय लाभ पहुंचाने पर चल रही कानूनी लड़ाई के बीच प्रदेश सरकार ने संविदा सेवा को पेंशन लाभ के लिए गणना में शामिल करने संबंधी अपने हालिया स्पष्टीकरण को वापस ले लिया है।
हिमाचल प्रदेश वित्त (पेंशन) विभाग के जारी आदेश के अनुसार, 16 फरवरी 2026 को जारी किए गए निर्देशों को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है। इससे पहले राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र में एक नया कानून पारित किया गया था, जिसमें आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों को पदोन्नति और पेंशन लाभ देने के प्रावधान को हटा दिया गया था।
वापस लिए गए निर्देशों में शीला देवी मामले में 10 जून 2024 को जारी पिछले कार्यालय ज्ञापन के संदर्भ में पेंशन लाभ के लिए संविदा सेवा की गणना पर स्पष्टीकरण दिया गया था।
राज्य के पूर्व कर्मचारी नेता के अनुसार, यह स्पष्टीकरण केवल कर्मचारियों के पेंशन लाभों को कवर करता, न कि पदोन्नति के लाभों को। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को वित्तीय और पेंशन लाभ देने के मुद्दे ने राज्य में कानूनी और प्रशासनिक बहस खड़ी कर दी है।
