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बिलासपुर, 22 जनवरी। क्षेत्रीय लाइसेंसिंग एवं पंजीकरण प्राधिकरण (आरएलए) बिलासपुर में चोरी की गाड़ियों के अवैध पंजीकरण मामले में अब एक पूर्व सीनियर असिस्टेंट का नाम भी सामने आ रहा है।
डीसी ऑफिस में तैनात इस पूर्व सीनियर असिस्टेंट का हाल ही में जिले के दूसरे आरएलए में तबादला हुआ है। सूत्रों के अनुसार इसके पास आलीशान घर और लाखों की लग्जरी कारें हैं और संपत्ति बेहिसाब है, जो आय के मुकाबले काफी अधिक है। इसी के चलते यह संदेह के घेरे में है। वह विदेश और गोवा जैसे पर्यटन स्थलों पर छुट्टियां मनाने जाता है।
मामले में अभी जिसकी गिरफ्तारी हुई है, उसके पास भी आलीशान मकान सहित करोड़ों की संपत्ति मिली है। बताया जा रहा है कि जब रजिस्ट्रेशन पोर्टल बीएस 4 से बीएस 6 में शिफ्ट हो रहा था, तब वैकएंड के जरिए पुरानी तारीख में सैकड़ों गाड़ियों की फर्जी एंट्री की गई। उस समय उक्त सीनियर असिसटेंट भी आरएलए में तैनात था। चर्चा है कि उसके पास उच्च्चाधिकारियों के लॉगिन आईडी और पासवर्ड थे। उसी के पास उस आरोपी का लॉगिन पासवर्ड भी था जो अभी दिल्ली क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में है। इन्हीं लॉगिन आईडी से पर्दे के पीछे छिपा यह अधिकारी खुद ही फर्जीवाड़े को अप्रूव कर देता था। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम इसे भी जल्द गिरफ्त में ले सकती है।
एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को पहले ही पद से हटाकर चार्जशीट किया जा चुका है और डीसी ऑफिस से नोटिस जारी किए गए हैं। दिल्ली पुलिस को मामले से संबंधित सारा रिकॉर्ड मुहैया करा दिया गया है। अगर वर्तमान में भी कोई शामिल पाया गया, तो उसे सीधे सेवा से बर्खास्त कर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
