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मंडी, 25 जनवरी। हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मियों की ईमानदारी ने एक बार फिर मिसाल कायम की है। अपने कार्य में निपुण होने के साथ-साथ ये चालक-परिचालक हर परिस्थिति में ईमानदारी की राह पर अडिग रहते हैं।
ताजा मामले में एचआरटीसी के सुंदरनगर डिपो की बस (HP31D-3865) जो मनाली से दिल्ली रूट पर चल रही थी, के चालक और परिचालक ने जिम्मेदारी का परिचय दिया। रूट पूरा होने के बाद बस को मनाली डिपो में खड़ा करने से पहले चालक संतोष कुमार और परिचालक रमेश कुमार ने बस का निरीक्षण किया, ताकि कोई सामान या कीमती वस्तु बस में न छूटे।
निरीक्षण के दौरान उन्हें एक वॉलेट मिला, जिसमें करीब एक लाख रुपये नकद थे। इतनी बड़ी रकम मिलने पर भी दोनों कर्मचारियों ने बिना देर किए वॉलेट की जांच की और उसमें मिले संपर्क नंबर से असली मालिक से बात की। पहचान की पुष्टि के बाद संबंधित व्यक्ति को बुलाया गया और पूरी रकम सुरक्षित व सम्मानपूर्वक लौटा दी गई।
घटना की जानकारी मिलते ही डिपो प्रबंधन और सहकर्मियों ने दोनों की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे कर्मचारी एचआरटीसी की पहचान हैं, जो सेवा भावना और कर्तव्यनिष्ठा को हमेशा प्राथमिकता देते हैं।
इस उदाहरण से साफ है कि आज भी समाज में ऐसे लोग हैं, जो किसी भी लालच के आगे अपने ज़मीर से समझौता नहीं करते। सुंदरनगर डिपो के इन कर्मियों की ईमानदारी यात्रियों का भरोसा और मजबूत करती है और समाज के लिए प्रेरणा बनती है।
