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हिमाचल : नए साल 2026 की पहली बर्फबारी, बारिश की बूंदों ने दोगुनी कर दी खुशी

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न्यूज अपडेट्स 
शिमला, 01 जनवरी। हिमाचल प्रदेश में नए साल का आगाज बर्फबारी से हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में जहां बीते रोज से ही बर्फबारी शुरू हो गई है। वहीं मैदानी इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। बर्फबारी और बारिश से जहां पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं। वहीं बागवानों और किसानों ने भी राहत की सांस ली है। 

हिमाचल प्रदेश में नए साल 2026 की पहली सुबह हिमाचल में कुछ खास लेकर आई। कुदरत ने पहाड़ों को सफेद चादर ओढ़ाकर जैसे नववर्ष का भव्य स्वागत किया, तो मैदानी इलाकों में बरसात की बूंदों ने किसानों और बागवानों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। ऊंची चोटियों पर गिरते बर्फ के फाहे] सैलानियों की खुशियां और ठिठुरन बढ़ाती ठंडी हवाओं के बीच हिमाचल में नए साल का आगाज किसी पर्व से कम नहीं रहा।

हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में साल 2026 का स्वागत बर्फबारी के साथ हुआ। नववर्ष की पूर्व संध्या और पहले दिन लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर की पर्वत श्रृंखलाओं पर रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही। अटल टनल रोहतांग के दोनों छोर, कोकसर और रोहतांग दर्रा बर्फ से ढक गए, जहां गिरते रुई जैसे फाहों ने पर्यटकों को रोमांच से भर दिया। सैलानी बर्फबारी के बीच तस्वीरें लेते और नए साल का जश्न मनाते नजर आए।

बीते 24 घंटे में लाहौल-स्पीति के उदयपुर, रोहतांग, कुंजुम, शिंकुला दर्रा और बारालाचा में ताजा हिमपात दर्ज किया गया। कोकसर में लगभग 5 सेंटीमीटर, रोहतांग में 12, शिंकुला और कुंजुम में 15-15, जांस्कर-समदो में 10 और बारालाचा में करीब 20 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई। चंबा जिले के पांगी क्षेत्र, भरमौर की ऊंची चोटियों कुगति, कालीछौ और मणिमहेश में भी हल्का हिमपात हुआ है। किन्नौर और कुल्लू के पर्वतीय इलाकों में भी बर्फबारी का असर साफ दिखा।

बर्फबारी के चलते सुरक्षा को देखते हुए रोहतांग दर्रा और गुलाबा से आगे वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। अटल टनल और लाहौल घाटी में बर्फ के कारण फिसलन बढ़ गई है, जिससे प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पर्यटकों से भी मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की गई है।

जहां पहाड़ों पर बर्फबारी ने ठंड बढ़ाई, वहीं मैदानी क्षेत्रों में हुई हल्की बारिश किसानों और बागवानों के लिए राहत लेकर आई। शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी सहित कई जिलों में बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। बारिश से रबी की फसलों और सेब सहित अन्य बागवानी फसलों को फायदा होने की उम्मीद है, जिससे किसानों के चेहरे खिले नजर आए।

मौसम में बदलाव के साथ प्रदेश में ठंड का असर तेज हो गया है। बीते 24 घंटे में प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में करीब 4.7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। ऊना में सबसे ज्यादा 10.6 डिग्री की गिरावट के बाद अधिकतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस रह गया। इसके चलते कई जिलों में शीत लहर का असर बढ़ गया है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सिरमौर और कुल्लू में कोल्ड वेव को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मंडी जिले में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार आज और कल भी किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू और चंबा के ऊंचे इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी और अन्य जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। कई क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 3 और 4 जनवरी को मौसम साफ रहने की उम्मीद है, जबकि 5 और 6 जनवरी को फिर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी के आसार हैं।

कुल मिलाकर हिमाचल में नए साल की शुरुआत बर्फ, बारिश और ठंड के संग हुई है। पहाड़ों पर बर्फबारी ने पर्यटन को नई रफ्तार दी है, तो मैदानी इलाकों में बरसात ने कृषि और बागवानी के लिए उम्मीदें जगाई हैं। कुदरत के इस अनोखे स्वागत ने हिमाचल में नववर्ष 2026 को यादगार बना दिया है।

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