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मंडी, 30 जनवरी। मंडी जिले के उपमंडल मुख्यालय गोहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में पीलिया फैलने से हड़कंप मच गया है। अब तक इस बीमारी की चपेट में 42 लोग आ चुके हैं, जबकि एक 28 वर्षीय युवक की दुखद मृत्यु हो गई है। मृतक युवक उदित शर्मा बासा पंचायत के लेओटी गांव का निवासी था। उसकी हालत गंभीर होने पर उसे पीजीआई चंडीगढ़ रैफर किया गया था, जहां वीरवार रात उसने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार मृतक उदित बीटैक पास था और घर पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। सबसे पहले उदित की बड़ी बहन पीलिया की चपेट में आई थी। करीब दो सप्ताह पहले गोहर सिविल अस्पताल में इलाज के बाद वह स्वस्थ हो गई थी। इसके बाद 5 दिन पहले उदित भी बीमार पड़ गया। परिजनों ने उसे पहले गोहर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे एम्स बिलासपुर और हालत ज्यादा बिगड़ने पर पीजीआई रैफर किया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
खंड स्वास्थ्य अधिकारी बगस्याड़, डॉ. राकेश रोशन भारद्वाज ने पुष्टि की है कि क्षेत्र में पीलिया के कुल 42 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 17 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। स्थिति को देखते हुए गोहर अस्पताल में पीलिया रोगियों के लिए एक स्पैशल वार्ड बनाया गया है, जिसमें अभी 3 मरीज भर्ती हैं। विभाग ने गोहर और बासा पंचायतों में घर-घर जाकर मरीजों की पहचान करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों और आशा वर्करों की एक टीम गठित की है।
लोगों में दहशत, प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग
बासा, गोहर, कलश, टाडर और अवाहधार जैसे गांवों में बीमारी फैलने से लोग दहशत में हैं। अधिवक्ता हेम सिंह ठाकुर ने आशंका जताई है कि जल शक्ति विभाग की पेयजल योजनाओं में मटमैला पानी आने से यह बीमारी फैली हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए ताकि बीमारी के सटीक कारणों का पता चल सके।
बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को पानी उबाल कर पीने, स्वच्छता बनाए रखने और एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, भूख न लगना, पेशाब कम आना, उल्टियां, पेट दर्द या बुखार जैसे लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल में जांच करवाने की अपील की गई है।
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को पानी के सैंपल लेने और जलस्रोतों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक की जांच में पानी के दूषित होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर जांच जारी है।
