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शिमला, 30 जनवरी। राज्य की सियासत में एक बड़ा प्रशासनिक प्रोटोकॉल विवाद सामने आया है। प्रदेश के मंडी में गणतंत्र दिवस समारोह पर तय प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल तथा विधि मंत्री यादविंद्र गोमा ने डीसी मंडी अपूर्व देवगन के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन (प्रिविलेज मोशन) का नोटिस सौंपा है।
यह नोटिस हिमाचल प्रदेश विधानसभा की कार्यविधि एवं कार्य संचालन नियमावली के अध्याय-12 के नियम-75 के तहत दिया गया है। मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
मंत्री यादविंद्र गोमा ने अपने नोटिस में कहा है कि वह 25 जनवरी को पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह में भाग लेने के उद्देश्य से मंडी पहुंचे थे, लेकिन उनके आगमन के समय डीसी मंडी न तो उपस्थित थे और न ही उनकी ओर से कोई आधिकारिक सूचना या व्यवस्था की गई थी। मंत्री ने इसे स्थापित सरकारी प्रोटोकॉल और प्रशासनिक जिम्मेदारी का गंभीर उल्लंघन बताया है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि एक कैबिनेट मंत्री के आगमन पर प्रशासन की तैयारी और समन्वय अनिवार्य होता है, खासकर तब जब कार्यक्रम राष्ट्रीय महत्व का हो।
डीसी की अनुपस्थिति को मंत्री ने प्रशासनिक उदासीनता और असंवेदनशीलता करार दिया है। मंत्री गोमा के अनुसार यह लापरवाही केवल व्यक्तिगत नहीं, अपितु विधानसभा और एक संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार असम्मान को दर्शाता है और इसे सामान्य चूक नहीं माना जा सकता।
मंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया है कि इस नोटिस को विशेषाधिकार हनन के रूप में स्वीकार किया जाए, डीसी मंडी से स्पष्टीकरण तलब किया जाए तथा भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
