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शिमला, 12 जनवरी। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला की सुबह एक तेज धमाके और चीख-पुकार के साथ टूटी, जब मल्याणा इलाके की सड़क अचानक हादसे का मैदान बन गई। लोग रोज़मर्रा की तरह अपने काम में लगे थे कि तभी एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों की कतार की ओर बढ़ गया। कुछ ही पलों में हालात ऐसे बदले कि शांत इलाका अफरा-तफरी, टूटे शीशों और मुड़ी हुई गाड़ियों के मंजर में तब्दील हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक काफी तेज गति में था। अचानक चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और ट्रक सीधे सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों की ओर बढ़ता चला गया। एक के बाद एक कई वाहनों को जोरदार टक्कर लगी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, उनके शीशे टूट गए और ढांचे तक मुड़ गए। वाहनों की संख्या 9 बताई जा रही है। जिसमें कुछ बड़े और कुछ बाइक बताई जा रही है।
हादसे की आवाज़ सुनते ही आसपास के घरों और दुकानों से लोग बाहर निकल आए। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ जमा हो गई। लोग क्षतिग्रस्त गाड़ियों को देखकर सहमे हुए थे और आशंका जता रहे थे कि कहीं कोई बड़ा नुकसान न हुआ हो। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। ट्रक को कब्जे में लेकर यातायात को सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस ने ट्रक चालक से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण तेज रफ्तार या तकनीकी खराबी माना जा रहा है, हालांकि पुलिस का कहना है कि वास्तविक वजहों की जांच की जा रही है।
इस हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें किनारे खड़ी गाड़ियों को खराब हालत में देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में घटना को लेकर चर्चा और भी तेज हो गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि रिहायशी इलाकों में भारी वाहनों की रफ्तार पर आखिर कब लगाम लगेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मल्याणा क्षेत्र में पहले भी तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर स्पीड कंट्रोल और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से पहले हालात संभाले जा सकें।
