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हिमाचल: कुरियर के जरिए चरस सप्लाई का खेल, देश के कई राज्यों में फैला नेटवर्क

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न्यूज अपडेट्स 
कुल्लू, 16 जनवरी। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी का दायरा लगातार फैलता जा रहा है। कभी सीमित इलाकों तक सिमटी रहने वाली यह अवैध गतिविधि अब संगठित नेटवर्क का रूप ले चुकी है- जिसके तार प्रदेश की सीमाओं से बाहर तक जुड़ते दिख रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण कुल्लू जिले से सामने आया है।

यहांं मणिकर्ण घाटी में पुलिस ने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है- जो कसोल से सीधे महाराष्ट्र के पुणे तक फैला हुआ था। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।

मणिकर्ण पुलिस की कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि तस्कर अब केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर नशे की सप्लाई चेन चला रहे हैं। कूरियर सेवाओं का इस्तेमाल कर चरस को एक राज्य से दूसरे राज्य तक भेजा जा रहा है, ताकि शक से बचा जा सके।

जरी चौकी क्षेत्र में सामने आए मामले में 151 ग्राम चरस की बरामदगी ने पुलिस को पूरे नेटवर्क की कड़ी तक पहुंचा दिया। इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि नशा तस्करी के इस जाल में महिलाओं की भूमिका भी सामने आने लगी है।

पुलिस ने जांच के बाद पुणे से एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिसकी भूमिका तस्करी के नेटवर्क में संदिग्ध पाई गई। यह संकेत करता है कि नशा तस्कर अब महिलाओं को भी इस अवैध कारोबार में शामिल कर रहे हैं, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके और नेटवर्क को मजबूत बनाया जा सके।

बीती 8 दिसंबर को जरी चौकी क्षेत्र में नशा तस्करी का मामला सामने आया था। कूरियर सुमारोपा से जुड़े एक युवक ने पुलिस को हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल कर सूचना दी थी कि एक कूरियर पार्सल में चरस होने का शक हो रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पार्सल की जांच की।

इस पार्सल में से 151 ग्राम चरस निकली। युवक ने बताया कि उसने ये पार्सल रेखा बेकर्स कसोल से उठाया था। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने अब पुणे से एक महिला को गिरफ्तार किया है।

विदित रहे कि, हिमाचल में पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां नशा तस्करी में महिलाएं, पूरा परिवार या एक ही घर के कई सदस्य शामिल पाए गए हैं। तस्कर महिलाओं को मोहरे के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि आमतौर पर उन पर शक कम किया जाता है। यह स्थिति समाज के लिए और भी ज्यादा चिंताजनक है, क्योंकि नशे का जाल अब सामाजिक ढांचे को भीतर से खोखला कर रहा है।

पुलिस के अनुसार, मणिकर्ण घाटी जैसे पर्यटन स्थलों को तस्करों ने अपने लिए सुरक्षित ठिकाना बना लिया है। यहां बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की आवाजाही अधिक होने के कारण नशे की खेप को इधर-उधर भेजना आसान हो जाता है। कूरियर, टैक्सी और निजी वाहनों के जरिए चरस और अन्य नशीले पदार्थों की सप्लाई की जा रही है।

कुल्लू पुलिस प्रशासन का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा। पुलिस अब केवल छोटे तस्करों तक सीमित न रहकर पूरे नेटवर्क और इसके मास्टरमाइंड तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रही है। लगातार हो रही गिरफ्तारियों से यह तो साफ है कि पुलिस सख्ती बरत रही है, लेकिन सवाल यह भी है कि

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