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शिमला, 07 जनवरी। हिमाचल प्रदेश में विपक्ष ने विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार पर सरकार को आड़े हाथों लिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक विपिन सिंह परमार ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भवारना में 25 करोड़ रुपये की लागत वाले अस्पताल का काम अधूरा रहने पर सवाल उठाए हैं। परमार ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में विकास पूरी तरह ठप हो गया है। उन्होंने सरकार को सुलाह से लेकर शिमला तक उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
विपिन सिंह परमार ने टप्पा, मलहू और मलघ में जनसभाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भवारना अस्पताल परियोजना पर करोड़ों खर्च होने के बाद भी काम अधूरा है। वहीं, थुरल अस्पताल की इमारत सालों से खाली पड़ी है। उनका आरोप है कि कांग्रेस सरकार जानबूझकर पिछली भाजपा सरकार की योजनाओं को रोक रही है। हिमाचल प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टर और दवाइयों की भारी कमी है। इस कारण आम जनता महंगे निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर है।
भाजपा नेता ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का सरकारी खजाना बंद पड़ा है, जो वित्तीय कुप्रबंधन का सबूत है। राज्य में बेरोजगारी खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। युवाओं को रोजगार के नाम पर सिर्फ झूठे आश्वासन मिल रहे हैं। परमार ने कहा कि सरकार की नाकामी का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। सड़कों और इमारतों के काम बीच में ही लटके हुए हैं।
परमार ने सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अब जनता का सब्र जवाब दे रहा है। अगर सरकार ने अपनी जनविरोधी नीतियों को वापस नहीं लिया, तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी। पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष करेगी। उन्होंने साफ कहा कि यह सरकार जनता की परेशानियों को समझने में पूरी तरह असमर्थ साबित हुई है। हिमाचल प्रदेश में शासन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
