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नेशनल डेस्क। बीते साल की तेज़ी के बाद इस साल भी सोना और चांदी निवेशकों को चौंकाते नजर आ रहे हैं। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय कमोडिटी बाजार भले ही गणतंत्र दिवस के कारण बंद रहा, लेकिन वैश्विक बाजार में सोने ने नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। पहली बार सोने की कीमत 5,000 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई है। वहीं चांदी की कीमतों में भी तेज़ उछाल देखने को मिला है।
एशियाई सत्र की शुरुआत में हाजिर सोना करीब 1.8 प्रतिशत की मजबूती के साथ 5,070 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया। कारोबार के दौरान यह 5,085 डॉलर प्रति औंस के नए शिखर तक चला गया। अमेरिकी बाजार में फरवरी डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स में भी इसी तरह की तेजी दर्ज की गई। गौरतलब है कि पिछले साल जबरदस्त बढ़त दर्ज करने के बाद 2026 की शुरुआत में भी सोना लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमत औंस में तय होती है, जो लगभग 28 ग्राम के बराबर होता है। इस हिसाब से 5,000 डॉलर प्रति औंस का मतलब भारतीय मुद्रा में सोना बेहद महंगा स्तर छू चुका है, जिससे घरेलू बाजार में भी कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
भारतीय बाजार में गणतंत्र दिवस के कारण सोमवार को एमसीएक्स पर कारोबार नहीं हुआ। हालांकि पिछले कारोबारी दिन शुक्रवार को सोने के वायदा भाव में हल्की गिरावट देखने को मिली थी। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का फ्यूचर प्राइस मामूली कमजोरी के साथ बंद हुआ, जबकि स्पॉट मार्केट में भी दाम स्थिरता के साथ बंद हुए।
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज़ उछाल जारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार खुलते ही चांदी में 7 प्रतिशत से ज्यादा की मजबूती देखने को मिली। वहीं घरेलू वायदा बाजार में पिछले सत्र में हल्की गिरावट जरूर आई थी, लेकिन कुल मिलाकर चांदी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं कीमती धातुओं को सपोर्ट दे रही हैं। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, ट्रेड वॉर की आशंकाएं और डॉलर में कमजोरी ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर सोना-चांदी की ओर आकर्षित किया है। अमेरिका द्वारा नए टैरिफ संकेत, यूरोप और अन्य क्षेत्रों में बढ़ते राजनीतिक तनाव, साथ ही यूक्रेन और मध्य-पूर्व से जुड़ी अनिश्चितताओं ने बाजार में डर का माहौल बनाए रखा है।
बाजार जानकारों का मानना है कि बीच-बीच में मुनाफावसूली के चलते कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव आ सकता है, लेकिन लंबी अवधि में सोने का रुझान मजबूत बना रहेगा। कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि आने वाले समय में सोना और भी ऊंचे स्तर तक जा सकता है, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इसकी मांग बनी रहने की संभावना है।
