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बैरिकेड्स बने मौत का कारण? बलोह हादसे में गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु की दर्दनाक मौत

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न्यूज अपडेट्स 
बिलासपुर, 17 जनवरी। कीरतपुर–मनाली फोरलेन पर बलोह के समीप हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में गर्भवती महिला लतिका शर्मा और उनके गर्भ में पल रहे आठ माह के शिशु की मौत हो गई। यह घटना अब केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं रह गई, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली, परिवहन विभाग की निगरानी और सड़क सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करने वाला मामला बन गई है।

हादसे को लेकर सबसे बड़ा सवाल दुर्घटना स्थल पर लगाए गए बैरिकेड्स को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां पुलिस द्वारा बैरिकेड्स तो लगाए गए थे, लेकिन न तो कोई सक्रिय नाका मौजूद था और न ही वाहनों की नियमित जांच की जा रही थी। लोगों का मानना है कि यदि सड़क पर अचानक बैरिकेड्स न लगाए गए होते तो संभव है कि वाहन का संतुलन न बिगड़ता और यह भयावह हादसा टल सकता था। नियमों के अनुसार, बैरिकेड्स का प्रयोग केवल वाहन जांच या नाके के दौरान ही किया जाना चाहिए, अन्यथा सड़क पर अनावश्यक अवरोध दुर्घटनाओं को न्योता देता है।

हादसे का दूसरा गंभीर पहलू कैंटर चालक की उम्र को लेकर सामने आया है। जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के समय भारी व्यावसायिक वाहन चला रहा चालक मात्र 19 वर्ष का बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी कम उम्र में उसे भारी वाहन चलाने का लाइसेंस कैसे मिला। यदि चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं था, तो वह राजस्थान से हिमाचल प्रदेश तक भारी वाहन लेकर कैसे पहुंच गया और रास्ते में कहीं भी उसकी जांच क्यों नहीं की गई। इससे पुलिस और परिवहन विभाग की निगरानी प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बैरिकेड्स लगाए गए थे तो उनका उद्देश्य वाहनों को रोककर जांच करना होना चाहिए था। ऐसे में यह समझ से परे है कि चालक को क्यों नहीं रोका गया और उसके दस्तावेजों की जांच क्यों नहीं की गई। यह घटना सड़क सुरक्षा के नाम पर की जा रही औपचारिकताओं की पोल खोलती नजर आ रही है।

हादसे में लतिका शर्मा और उनके गर्भस्थ शिशु की मौत से एक पूरा परिवार उजड़ गया है। लतिका अपने पीछे आठ साल के बेटे को छोड़ गई हैं, जो अब मां की ममता से वंचित हो गया है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।

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