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बिलासपुर, 01 जनवरी। बिलासपुर सदर क्षेत्र के चलैहली में खैर की मार्किंग के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में फंसे वन विभाग के बीट ऑफिसर (बीओ) समीर मोहम्मद को विभाग ने निलंबित कर दिया है। विजिलेंस द्वारा की गई कार्रवाई के बाद यह कदम उठाया गया। वहीं पुलिस रिमांड समाप्त होने पर आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई।
जानकारी के अनुसार सोमवार को विजिलेंस की टीम ने बीओ समीर मोहम्मद को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही वन विभाग ने उसके निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। न्यायालय से आदेश प्राप्त होने के बाद विभाग ने औपचारिक रूप से बीओ को निलंबित कर दिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपित को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर रखा गया था। रिमांड अवधि पूरी होने पर सोमवार को उसे दोबारा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत प्रदान की गई।
बताया जा रहा है कि समीर मोहम्मद, निवासी बिलासपुर, वन विभाग में बीओ के पद पर तैनात था और उसे वन बीट सदर का जिम्मा सौंपा गया था। इन दिनों जिले में खैर कटान का सीजन चल रहा है। सदर क्षेत्र में एक ठेकेदार द्वारा खैर खरीदे जाने के बाद उसकी मार्किंग के लिए बीओ ने एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार ने पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपये ऑनलाइन माध्यम से बीओ को दिए, जिसके बाद उसने पूरे मामले की जानकारी विजिलेंस को दी।
सूचना के आधार पर विजिलेंस टीम बिलासपुर और शिमला से आई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए समीर मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया था। वन मंडल बिलासपुर के डीएफओ राजीव कुमार ने पुष्टि करते हुए कहा कि आरोपित बीओ को निलंबित कर दिया गया है। वहीं एसपी विजिलेंस मंडी सचिन हीरा ने भी मामले की पुष्टि की है।
