Click Here to Share Press Release Through WhatsApp No. 82196-06517 Or Email - pressreleasenun@gmail.com

बिलासपुर: लम्पी स्किन डिजीज को लेकर अलर्ट, जिला बिलासपुर में शत-प्रतिशत टीकाकरण के निर्देश

News Updates Network
By -
0
न्यूज अपडेट्स 
बिलासपुर, 31 जनवरी। जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में पशुपालन विभाग द्वारा सड़कों पर विचरण कर रहे आवारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध करवाने, उनके संरक्षण, पुनर्वास तथा जनसुरक्षा से जुड़े विषयों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर ओम कांत ठाकुर ने की।

बैठक में आवारा पशुओं की देखभाल, उनके पुनर्वास, यातायात व्यवस्था और जनसुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से जिला बिलासपुर के अंतर्गत फोरलेन सहित अन्य प्रमुख सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सुरक्षित रूप से हटाकर गोसदनों में स्थानांतरित करने की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त ने प्रशासन और पशुपालन विभाग के आपसी समन्वय से यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि पशुओं को समयबद्ध तरीके से गोसदनों तक पहुंचाया जाए, ताकि यातायात बाधित न हो और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सड़कों से उठाए गए सभी आवारा पशुओं का माहवार एवं स्रोतवार रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा। इससे पशुओं की संख्या, उनके स्थानांतरण और देखरेख की प्रभावी निगरानी की जा सकेगी। अतिरिक्त उपायुक्त ने रिकॉर्ड प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही पशुओं की मृत्यु की स्थिति में कारणों की तत्काल रिपोर्टिंग और आवश्यकतानुसार पोस्टमार्टम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और जवाबदेही तय की जा सके।

बैठक में संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, जिससे गौ सदनों में पशुओं के स्वास्थ्य, चारे और स्वच्छता की स्थिति की निरंतर निगरानी हो सके। इसके अतिरिक्त ई-गोपाल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजना को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए, ताकि पशुपालकों को डिजिटल सुविधाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। साथ ही गोसदनों में रखे गए सभी पशुओं की शत-प्रतिशत टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे पशुओं की पहचान, ट्रैकिंग और रिकॉर्ड प्रबंधन में सुविधा हो।

बैठक में गौसदन संचालन से जुड़े सदस्यों को अवगत करवाया गया कि केंद्र सरकार के फोरकास्ट के अनुसार आगामी अवधि में जिला बिलासपुर में पशुओं में लम्पी स्किन डिजीज फैलने की संभावना जताई गई है। इसको लेकर अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को जिले में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग ने जिला के सभी पशुपालकों से भी अपील की कि वे समय रहते अपने पशुओं का टीकाकरण अवश्य करवाएं, क्योंकि इस बीमारी से बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध है।

बैठक में जानकारी दी गई कि जिला बिलासपुर में वर्तमान में 14 गौ सदन पूर्ण रूप से कार्यशील हैं, जिनमें कुल 1561 गोवंश रह रहे हैं। इनमें से 1325 गोवंश को सरकार की ओर से निर्धारित सहायता प्रदान की जा रही है। बैठक के दौरान गौशालाओं के संचालकों ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं से प्रशासन को अवगत करवाया, जिनमें प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही सहायता को समय पर उपलब्ध करवाने की मांग प्रमुख रही। अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी गौ सदनों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

बैठक में उप निदेशक विनोद कुंदी सहित जिला बिलासपुर के सभी 14 गौ सदनों के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!