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दिल्ली, 28 दिसंबर। राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए प्रशासन ने बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर बिना वैध प्रदूषण सर्टिफिकेट (PUCC) के पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। इसके अलावा, बाहर से आने वाली नॉन-BS6 गाड़ियों की एंट्री पर भी हमेशा के लिए रोक लगा दी गई है। सरकार ने GRAP-4 के इन कड़े नियमों को अब स्थायी कर दिया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि बिना पीयूसी के गाड़ी चलाना अब दिल्ली प्रदूषण के खिलाफ अपराध माना जाएगा। हर वाहन चालक को ईंधन भरवाने से पहले अपना वैध पीयूसी सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि वाहनों से निकलने वाला धुआं हवा को सबसे ज्यादा जहरीला बना रहा है।
सरकार ने दिल्ली की सीमाओं पर भी सख्ती बढ़ा दी है। अब दूसरे राज्यों से आने वाली ऐसी गाड़ियां जो BS6 मानक की नहीं हैं, वे दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगी। यह नियम स्थायी रूप से लागू रहेगा। बता दें कि 1 अप्रैल 2020 के बाद रजिस्टर्ड गाड़ियां ही BS6 मानक की होती हैं। पुरानी गाड़ियों को शहर से दूर रखकर दिल्ली प्रदूषण को कम करने की कोशिश की जा रही है।
नियम सख्त होते ही पेट्रोल पंपों पर अफरातफरी का माहौल है। प्रदूषण जांच केंद्रों पर पीयूसी बनवाने वालों की लंबी कतारें लग गई हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सर्टिफिकेट बनवाने वालों की संख्या दोगुनी हो गई है। पहले जहां रोज 16,000 सर्टिफिकेट बनते थे, अब यह संख्या 30,000 पार कर गई है। शहर का AQI अभी भी 391 बना हुआ है, जो बेहद चिंताजनक है।
