न्यूज अपडेट्स
सोलन, 11 दिसंबर। सोलन जिले के दारलाघाट स्थित अंबुजा–अडानी सीमेंट प्लांट में ब्लास्टिंग विवाद लगातार गहराता जा रहा है। संघोई धार क्षेत्र में हो रहे लगातार धमाकों के विरोध में स्थानीय लोगों द्वारा लगाया गया धरना वीरवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया। प्रभावितों का आरोप है कि कंपनी की ब्लास्टिंग से घरों में दरारें बढ़ रही हैं और लोगों की जानमाल को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
मंच ने बताया कि मंगलवार देर रात माइनिंग क्षेत्र में कई बड़े धमाके हुए, जो इतने भयंकर थे कि आसपास के गांवों में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भूकंप जैसे झटकों से दहशत में आ गए। मंच के अनुसार, कंपनी 16 दिसंबर तक पहाड़ को बड़े पैमाने पर काटने की तैयारी कर रही है और प्रशासन के सहयोग से मनमानी जारी है।
माइनिंग विभाग पर लापरवाही के आरोप
धरना स्थल संघोई धार में मंगलवार शाम माइनिंग विभाग के कुछ अधिकारी पहुंचे, लेकिन मंच ने आरोप लगाया कि उनके साथ न तो कोई तकनीकी विशेषज्ञ था और न ही कोई जांच उपकरण। न ही अंबुजा सीमेंट के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर बुलाए गए। प्रभावित मंच का कहना है कि बिना तकनीकी विशेषज्ञों के पहुंचना सिर्फ दिखावा है और कंपनी को गतिविधियां छिपाने के लिए समय दिया जा रहा है।
मंच ने स्पष्ट कहा कि ब्लास्टिंग की जांच के लिए उच्चस्तरीय मजिस्ट्रेट इंक्वायरी आवश्यक है, जिसमें DGMS सहित सभी तकनीकी विभागों के अधिकारी शामिल हों।
16 दिसंबर की मीटिंग का बहिष्कार
प्रभावित मंच ने आरोप लगाया कि 16 दिसंबर के लिए घोषित मीटिंग का कोई समय और स्थान निर्धारित नहीं था। इसे केवल ब्लास्टिंग करने का अवसर बनाने की कोशिश बताया गया है। मंच ने घोषणा की कि वह इस बैठक का पूर्ण बहिष्कार करेगा।
मंच ने यह भी आरोप लगाया कि घमारो गांव के कुछ लोगों पर कंपनी प्रबंधन और पुलिस की ओर से FIR वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। मंच ने कहा कि धमाकों के वीडियो पूरे प्रदेश में वायरल हैं, इसलिए सत्य को दबाया नहीं जा सकता।
धरना अनिश्चितकाल तक जारी
राज्य कमेटी सीमेंट उद्योग व माइनिंग प्रभावित मंच की आपातकालीन बैठक में निर्णय लिया गया कि जन जागरण अभियान शुरू किया जाएगा और गांव–गांव जाकर लोगों को कंपनी की अनियमितताओं से अवगत कराया जाएगा। मंच ने कहा कि मजिस्ट्रेट जांच के गठन तक कंपनी के साथ किसी भी स्तर पर वार्ता नहीं होगी।
उद्योग मंत्री से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात
11 दिसंबर को मंच के राज्य संयोजक संदीप ठाकुर ने उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान से मुलाकात कर ब्लास्टिंग मामले में मजिस्ट्रेट इंक्वायरी गठित करने की मांग उठाई। उद्योग मंत्री ने प्रभावितों को आश्वासन दिया कि मामले पर गंभीरता से विचार कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मंच ने कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच शुरू नहीं होती और ब्लास्टिंग पर रोक नहीं लगती, तब तक आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
