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मंडी, 11 दिसंबर। हिमाचल प्रदेश सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मंडी के पड्डल मैदान में वीरवार को भव्य जन संकल्प सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर से उमड़ी भारी भीड़ ने इसे ऐतिहासिक रूप दे दिया। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित अनेक नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस विशाल आयोजन को सरकार की विकास यात्रा, परिवर्तन, सुशासन, आर्थिक सुधारों और जनता की भागीदारी के प्रतिबिंब के रूप में देखा गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुक्खू ने तीन वर्षों में किए गए कार्यों और सुधारों का विस्तृत ब्यौरा जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्ता संभालते ही आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए पारदर्शी और जनहितकारी नीतियों को प्राथमिकता दी। चुनावी वादों में से दस में से सात गारंटियों को पूरा कर सरकार ने जनता का विश्वास मजबूत किया है। ओपीएस बहाली को पहली कैबिनेट में लागू कर 1.36 लाख कर्मचारियों को राहत दी गई, हालांकि इसके बाद केंद्र सरकार ने प्रदेश की 1600 करोड़ रुपये की बॉरोइंग बंद कर दी जिससे तीन वर्षों में 4800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत 35,687 महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जा रहे हैं, वहीं अन्य योजनाओं के तहत पेंशन पा रहीं 2,37,000 महिलाओं की मासिक पेंशन भी बढ़ाई गई है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं और किसानों के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। युवाओं के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्टार्टअप योजना शुरू की गई है, जबकि स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम लागू किया गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए गाय के दूध की एमएसपी 51 रुपये और भैंस के दूध की 61 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। किसानों और बागवानों को बेहतर दाम सुनिश्चित करने के लिए यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू की गई है और गोबर खरीद योजना के तहत 300 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की गई है। रोजगार सृजन के क्षेत्र में अब तक 23,200 युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है, जबकि पिछली सरकार के पूरे कार्यकाल में केवल 20,000 नौकरियां दी गई थीं।
आपदाओं के दौरान राज्य सरकार की भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को दो वर्षों में लगभग 24,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, लेकिन केंद्र से कोई विशेष सहायता नहीं मिली। इसके बावजूद राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से 4,500 करोड़ रुपये का राहत पैकेज प्रदान किया। सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में 12,095 लाभार्थियों को 28 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। सुख आश्रय योजना के तहत 6,000 बच्चों को राज्य सरकार ने ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया है तथा सुशिक्षा योजना के तहत 19,479 बच्चों के अभिभावकों को मासिक 1,000 रुपये सहायता दी जा रही है।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। राष्ट्रीय स्तर के सर्वेक्षण में हिमाचल प्रदेश की रैंकिंग 21वें से बढ़कर 5वें स्थान पर पहुंची है। 100 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया है और 20 विधानसभा क्षेत्रों में डे-बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण जारी है। स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देते हुए चमियाना अस्पताल और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी शुरू की गई है। आगामी वर्षों में स्वास्थ्य संस्थानों के आधुनिकीकरण पर 3,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में देश में सबसे तेज़ कदम बढ़ाए जा रहे हैं। प्रदेश में छह ग्रीन कॉरिडोर स्थापित किए गए हैं और 100 करोड़ रुपये की राजीव गांधी वन संवर्धन योजना लागू की गई है। पर्यटन विकास पर 3,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं तथा कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। देहरा के बनखंडी में 619 करोड़ की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का चिड़ियाघर भी तैयार किया जा रहा है।
कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि सुक्खू सरकार ने सिर्फ घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि धरातल पर काम करते हुए आपदा और आर्थिक संकट जैसी चुनौतियों का मजबूती से सामना किया है। उन्होंने भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया और कहा कि हिमाचल की जनता ने इस प्रवृत्ति का करारा जवाब दिया है। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल मॉडल आज देशभर में चर्चा का विषय है और सरकार की उपलब्धियां हर मंच पर सराही जा रही हैं। उन्होंने बताया कि यह सरकार कागजों पर नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं पर काम कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि पिछले तीन वर्ष हिमाचल के विकास का स्वर्णिम अध्याय हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार की उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाने के लिए व्यापक जन संपर्क अभियान चलाएगी ताकि योजनाओं और सुधारों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकार की तीन वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया और सूचना एवं जन संपर्क विभाग द्वारा तैयार वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया। सम्मेलन में भारी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिनमें विधानसभा अध्यक्ष, मंत्री, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी, पार्टी पदाधिकारी और गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।
