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शिमला, 18 दिसंबर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि देवभूमि में सियासत आपसी प्रतिरोध लेने के लिए नहीं विकास करने के लिए ही होती रही है। लेकिन मुख्यमंत्री विकास की भावना के बजाय बदले की भावना से काम कर रहे हैं। उनका साथ छोड़ चुके कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों को हर हाल में सत्ता के दम पर प्रताड़ित करना चाहते हैं।
गुरुवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में जयराम ने कहा कि सीएम सुक्खू जिस राह पर चल रहे हैं न तो वह काम अच्छा है और न ही उसका अंजाम अच्छा होगा। सत्ता के दुरुपयोग से वह भाजपा के विधायकों को आज भले कुछ पल के लिए परेशान कर लें लेकिन सत्ता स्थायी नहीं है। उन्हें यह बात समझनी होगी। यह बात उन अधिकारियों को समझनी बहुत जरूरी है जो आज कानून-कायदे ताक पर रखकर भाजपा के नेताओं और सरकार के पक्ष में नहीं लिखने वाले पत्रकारों को मुकदमे में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का साथ छोड़ चुके सभी पूर्व कांग्रेसी और निर्दलीय विधायकों को मुख्यमंत्री बदले की भावना से प्रताड़ित कर रहे हैं। हमीरपुर के विधायक के खिलाफ खनन का मामला पुलिस पार्टी बनकर दर्ज करवाती है जबकि माइनिंग विभाग इसकी कोई भी शिकायत तक नहीं करता। 10 दिन से लगातार हमारे विधायक को बुलाकर थाने में दिन-दिन भर बिठाकर प्रताड़ित जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केएल ठाकुर और उनके परिवार के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से एक के बाद एक मामले लादने की कोशिश हुई। राजेंद्र राणा और उनके परिवार के खिलाफ लोगों को खोज-खोज कर फर्जी मुकदमे दर्ज करवाए जा रहे हैं।
इंद्र दत्त लखनपाल के खिलाफ मुख्यमंत्री हर दिन साजिश कर रहे हैं। कांग्रेस में पहले मंत्री रहे सुधीर शर्मा को फंसाने के लिए मुख्यमंत्री ने सारी सीमाएं लांघ दी हैं। गगरेट से विधायक रहे चैतन्य शर्मा और उनके पिता के खिलाफ मुकदमे लादे गए। देवेंद्र भुट्टो के घर को गिराने को लेकर एमसी की ओर से साजिश की गई। सारा निर्माण विधिक प्रक्रिया से होने के बाद भी उन्हें नोटिस दिए गए। रवि ठाकुर के खिलाफ सरकार पहले दिन से ही हो गई। सिरमौर में हमारे प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और पूर्व मंत्रियों पांवटा साहिब से विधायक सुखराम चौधरी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया। देहरा के निर्दलीय विधायक होशियार सिंह के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। भाजपा शिमला के जिला अध्यक्ष और उनके परिवार के ऊपर दर्जनों की संख्या में केस ठोके गए हैं।
कार्निवल के नाम पर वसूली, खाता नंबर क्यों नहीं किया जारी: जयराम
पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांगड़ा कार्निवल में वसूली के लिए सरकार की ओर से पत्र निकाला गया है। सरकारी कार्यक्रमों का खर्च प्रदेश के लोग क्यों उठाएं? इस तरह से पहले कभी नहीं हुआ है कि सरकार की ओर से पत्र जारी किया गया है? यह सरकार द्वारा अधिसूचित कार्यक्रम है। यदि पत्र जारी ही किया जाना था तो वह डीसी की ओर से क्यों नहीं जारी किया गया?पत्र में अकाउंट नंबर क्यों नहीं दिया गया है? क्या यह कैश वसूली का प्रयास है? अगर लोग दान ही रहे हैं तो कम से कम उन्हें आयकर की विभिन्न धाराओं के तहत आयकर में छूट तो मिल सके। जयराम ठाकुर राजनीति और बदले की भावना से काम करके सरकार का मन नहीं भरा तो उन्होंने विभागों को भी भाजपा के खिलाफ दुष्प्रचार करने के लिए लगा दिया। उन्होंने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उस पोस्ट का भी जिक्र किया जिसमें उसने भाजपा के चुनाव चिन्ह को उल्टा करके लगाया था और बेहद निचले स्तर की टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि जब दो साल बाद आप की सरकार नहीं होगी तब आपका क्या होगा इस बारे में भी सोचिए। ऐसे अधिकारियों को सरकार के साथ अपना भविष्य नहीं जोड़ना चाहिए।
