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बिलासपुर, 18 दिसंबर। बिलासपुर जिला के बंदला गांव में पेयजल समस्या पिछले लंबे समय से गंभीर बनी हुई है। गांव के कोग स्थान पर तैनात वाटर गार्ड पर मनमानी करने के आरोप लग रहे हैं, जबकि संबंधित विभाग इस स्थिति को नियंत्रित करने में पूरी तरह नाकाम दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग मूकदर्शक बना हुआ है और उनकी परेशानियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
जानकारी के अनुसार, पिछले करीब एक वर्ष से वाटर गार्ड ने अपनी मर्जी से चार दिन बाद ही पानी छोड़ने का नियम बना रखा है। इस अनियमित जल आपूर्ति के कारण स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब इस संबंध में विभाग में शिकायत की जाती है तो वही वाटर गार्ड उन्हें फोन कर शिकायतें करने की सलाह देता है, जिससे हालात और भी गंभीर हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और ई-समाधान पोर्टल के माध्यम से कई बार शिकायतें दर्ज करवाई जा चुकी हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई स्थायी समाधान निकाले बिना ही शिकायतों को बंद कर दिया जाता है।
पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने XEN, IPH बिलासपुर को लिखित शिकायत सौंपते हुए तैनात वाटर गार्ड को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि वाटर गार्ड का रवैया जनता के प्रति सही नहीं है और वह पानी छोड़ने में लगातार गड़बड़ी कर रहा है।
वहीं इस मामले पर IPH बिलासपुर में तैनात जेई ने बताया कि पानी की समस्या को लेकर शिकायत प्राप्त हुई है। संबंधित वाटर गार्ड को शिकायत के संदर्भ में कार्यालय बुलाया गया है और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
