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शिमला, 17 नवंबर। हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) में अवैध प्रमोशनों और मनमानी को लेकर मामला फिर गरमा गया है। पूर्व कर्मचारी नेता शंकर सिंह ठाकुर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निगम में केवल चहेते कर्मचारियों को विशेष उपहार की तरह अवैध प्रमोशनें दी जा रही हैं, जबकि दिन-रात काम करने वाले कर्मचारियों को समय पर वेतन और पेंशन तक नहीं मिल रही।
उन्होंने कहा कि 7 अप्रैल 2008 को सुंदरनगर में कैशियर के रूप में नियुक्त हुई रजनी देवी को मात्र 17 वर्षों में कई प्रमोशन देकर सेक्शन ऑफिसर बना दिया गया, जबकि हिमाचल प्रदेश के किसी भी विभाग में डायरेक्ट कैशियर की नियुक्ति का प्रावधान ही नहीं है। ठाकुर का कहना है कि कैशियर पद के लिए वित्तीय लेन-देन का पूर्ण ज्ञान और अनुभव आवश्यक होता है, लेकिन नियमों को दरकिनार कर मनपसंद लोगों को पदोन्नत किया जा रहा है।
शंकर सिंह ठाकुर ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री पर भी विशेष कृपा बरसाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि HRTC में 27 से 28 वर्षों से काम कर रहे कर्मचारी आज तक प्रमोशन का मुंह नहीं देख पाए, जबकि कुछ कर्मचारियों को जुगाड़ के आधार पर ऊंचे पद दे दिए जाते हैं।
उन्होंने रोहड़ू के एमके शर्मा के मामले का भी उल्लेख किया, जिनका अवैध प्रमोशन 22 सितंबर 2025 को हाईकोर्ट द्वारा रद्द किया गया था। ठाकुर के अनुसार, इस ऐतिहासिक फैसले के बावजूद सरकार, प्रबंधन और सर्विस कमेटी ने कोई सीख नहीं ली।
उनका आरोप है कि आर्थिक संकट का रोना रोने वाली सरकार ने ही सेक्शन ऑफिसर के चार नए पद सृजित किए, जिनमें से तीन पर मनचाहे कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी गई और चौथा पद चहेता न मिलने के कारण खाली छोड़ दिया गया।
ठाकुर ने कहा कि यह सरकार और प्रबंधन की निकृष्ट और स्वार्थपूर्ण कार्यप्रणाली का उदाहरण है, जिसमें केवल चहेतों को लाभ देने के लिए नियमों को ताक पर रखा जा रहा है, जबकि बाकी कर्मचारियों के लिए आर्थिक संकट का बहाना बनाया जाता है।
