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सोलन, 19 नवंबर। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में एक बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। लगभग 175 करोड़ रुपये के इस कथित मेगा स्कैम में ह्यूमन वेलफेयर मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड पर हजारों निवेशकों की खून-पसीने की कमाई हड़पने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि सोसायटी हिमाचल के भोले-भाले लोगों को ऊंचा ब्याज देने का लालच देकर कई वर्षों से पैसे जमा करवा रही थी।
अधिक ब्याज का लालच देकर बिछाया गया जाल
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2016 से यह सोसायटी हिमाचल के विभिन्न इलाकों में सक्रिय थी। आरडी, एफडी, एमआईपी, डीडीएस जैसी योजनाओं में असामान्य और आकर्षक ब्याज दरों का वादा कर लोगों को निवेश के लिए तैयार किया जाता था। लेकिन 2 दिसंबर 2024 को अचानक सोसायटी की वेबसाइट, ऑनलाइन पोर्टल और सभी सेवाएं बंद कर दी गईं। इसके बाद परिपक्व हो चुकी योजनाओं का पैसा लौटाना भी बंद हो गया और पदाधिकारी गायब हो गए।
सोलन की महिला ने खोला घोटाले का काला अध्याय
इस घोटाले का पहला आधिकारिक खुलासा 16 नवंबर 2025 को हुआ, जब सोलन के ठोडो ग्राउंड वार्ड नंबर-7 की निवासी संगीता शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में सोसायटी के 21 पदाधिकारियों और एजेंटों पर करोड़ों की ठगी और आपराधिक विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) (आपराधिक विश्वासघात) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सैकड़ों एजेंटों के जरिए जमा करवाए गए करोड़ों रुपये
सोसायटी ने हिमाचल के ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक अपने सैकड़ों एजेंट नियुक्त किए थे। ये एजेंट निवेशकों को ऊंचा ब्याज और सुनहरे भविष्य का लालच देकर करोड़ों रुपये जुटाते रहे। अचानक सेवाएं बंद होने के बाद हजारों निवेशक सदमे में हैं और अब शिकायतों की संख्या तेजी से बढ़ने की आशंका है, क्योंकि कई लोग अब भी सामने आने में हिचकिचा रहे हैं।
सोसायटी की वैधता पर भी सवाल
एसपी सोलन गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीम सोसायटी के पंजीकरण, संचालन, बैंकिंग रिकॉर्ड और फंड मूवमेंट की जांच कर रही है। यह भी जांच का विषय है कि सोसायटी वास्तव में वैध रूप से पंजीकृत थी या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चल रही थी। फिलहाल कुल निवेशकों की सटीक संख्या और गायब राशि का पूरा विवरण जुटाया जा रहा है।
निवेशकों की वर्षों की कमाई एक झटके में गई
घोटाले से प्रभावित कई निवेशकों ने कहा कि सोसायटी ने सालों तक भरोसा जीतकर उनसे जीवनभर की जमा पूंजी तक निवेश करवा ली। अब पूरी राशि डूबने का खतरा मंडरा रहा है। यह घोटाला हिमाचल के इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय स्कैम में शामिल हो सकता है, क्योंकि शुरुआती संकेत बेहद चिंताजनक हैं।
