न्यूज अपडेट्स
शिमला, 11 नवंबर। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आयुष विभाग के अंतर्गत स्नातकोत्तर (पीजी) कर रहे डॉक्टरों को अब शत-प्रतिशत वेतन देने के निर्देश जारी किए हैं। इससे पहले जारी अधिसूचना के अनुसार इन्हें केवल 40 प्रतिशत वेतन का प्रावधान था। मुख्यमंत्री ने यह महत्वपूर्ण निर्णय शिमला में आयोजित आयुष विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान लिया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य पर्यटन को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने के लिए आयुष विभाग की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि राज्य की जलवायु और प्राकृतिक परिवेश स्वास्थ्य पर्यटन के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं और विभाग को उच्च ओपीडी वाले संस्थानों की पहचान कर उनकी सुविधाएं सुदृढ़ करनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन संस्थानों में मरीजों की संख्या अधिक है, उन्हें पर्याप्त स्टाफ और बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएं, ताकि जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि रोगी डेटा को “हिम परिवार” पोर्टल से एकीकृत किया जाए ताकि ट्रैकिंग और सेवा वितरण में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित हो सके।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार नाहन में एक नए आयुष महाविद्यालय की स्थापना पर विचार कर रही है। वहीं, पपरोला स्थित आयुर्वेदिक महाविद्यालय को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई। उन्होंने विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्पीति घाटी जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हर्बल उद्यान विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि वहां की अनूठी जैव विविधता का उपयोग किया जा सके। उन्होंने राज्य के बालिका आश्रमों और वृद्धाश्रमों में योग कक्षाएं शुरू करने पर भी जोर दिया, जिससे वहां के निवासियों को समग्र स्वास्थ्य लाभ मिल सके।
