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सिरमौर, 17 नवंबर। डुप्लीकेट दवाइयों की सप्लाई के सनसनीखेज मामले में गिरफ्तार आरोपी कंपनी मालिक अनिकेत को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से उसे 18 नवम्बर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ करेगी और अनुमान लगाया जा रहा है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारी हो सकती हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। पांवटा साहिब के डीएसपी के नेतृत्व में SIT पूरी सक्रियता से जांच में जुटी हुई है।
कैसे हुआ खुलासा?
10 नवम्बर को पुलिस थाना पुरुवाला में जालसाजी एवं ट्रेड मार्क एक्ट 1999 के तहत केस दर्ज हुआ था। शिकायतकर्त्ता नितिन गुप्ता, पार्टनर एसवीआर हैल्थ केयर ने आरोप लगाया था कि हरियाणा की मैसर्ज दानिश लैब ने उनकी फर्म के नाम पर अमोक्सीसिलिन ट्रिहाइड्रेट डिस्पर्सिबल टैबलेट IP 250mg और सेफिक्सिम टैबलेट IP 200mg की डुप्लीकेट सप्लाई की थी। ये दवाइयां सीएमओ लद्दाख को भेजी गईं थीं, जहां ड्रग इंस्पेक्टर ने इन्हें जब्त कर लैब परीक्षण करवाया तो दवाइयां मानकों पर खरी नहीं उतरीं।
14 नवम्बर को पुलिस टीम अम्बाला पहुंची और आरोपी अनिकेत की मौजूदगी में ड्रग कंट्रोलर ऑफिसर हेमंत ग्रोवर के साथ दानिश लैब का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद लैब मालिक अनिकेत को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
एसपी सिरमौर ने साफ किया है कि “आरोपी से पूछताछ जारी है और इस प्रकरण में शामिल अन्य लोग भी जल्द कानून के शिकंजे में होंगे।”
यह मामला प्रदेश में नकली दवाइयों के नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, जिसे लेकर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों हाई अलर्ट पर हैं।
