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घुमारवीं, 30 नवंबर। सदर, घुमारवीं और झंडूता विधानसभा क्षेत्रों की बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएँ देने वाला 100 बिस्तरों वाला सिविल अस्पताल घुमारवीं इन दिनों पार्किंग अव्यवस्था के कारण लोगों की परीक्षा ले रहा है। अस्पताल परिसर में सुव्यवस्थित पार्किंग न होने से मरीजों और उनके तीमारदारों को वाहन खड़ा करने के लिए जगह-जगह भटकना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल के मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मी अक्सर निजी वाहनों को भीतर प्रवेश नहीं देते। कई बार तीमारदारों और सुरक्षाकर्मियों के बीच कहासुनी तक हो जाती है। लोगों का कहना है कि जान-पहचान वाले वाहन तो अंदर चले जाते हैं, लेकिन आम मरीजों को बाहर सड़क या गलियों में ही जगह ढूंढनी पड़ती है, जिससे जाम व दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
72 वर्षीय सेवानिवृत्त एलआईसी विकास अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि कुछ दिन पहले सीने में दर्द की शिकायत पर वे उपचार के लिए खुद वाहन चलाकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने सुझाव दिया है कि अस्पताल परिसर में पर्ची आधारित सीमित पार्किंग व्यवस्था लागू की जाए। इससे जहां वाहनों की एंट्री नियंत्रित होगी, वहीं अस्पताल प्रशासन को मामूली शुल्क के रूप में राजस्व भी प्राप्त हो सकेगा।
इस संबंध में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर घुमारवीं डा. अनुपम शर्मा ने बताया कि पार्किंग समस्या उनके ध्यान में है और स्थायी समाधान के लिए उच्च स्तर पर विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
