न्यूज अपडेट्स
मंडी, 13 अगस्त। (अनिल) मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मंडी के न्यायालय ने तेज गति व लापरवाही से बस चलाकर दुर्घटना के दोषी एचआरटीसी बस चालक रामकृष्ण को दो वर्ष के साधारण कारावास व 6,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर तीन माह का अतिरिक्त साधारण भुगतना होगा। दोषी रामकृष्ण बिलासपुर जिले के तम्बरी तहसील झबोला का रहने वाला है।
21 दिसंबर 2018 की शाम करीब छह रामकृष्ण ने बल्ह उपमंडल के डडौर चौक में एचचआरटीसी की बस एचपी-65-3485 को तेज गति व लापरवाही से चलाते हुए सड़क किनारे पैदल चल रहे साकेन यादव को जोरदार टक्कर मार दी थी। श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कालेज एवं अस्पताल मंडी (नेरचौक) में उपचार के दौरान साकेन की मौत हो गई थी। पुलिस ने दुर्घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच कर चालक के विरुद्ध केस दर्ज किया था। जांच के दौरान बस, चालक का लाइसेंस व संबंधित दस्तावेज जब्त किए थे।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 11 गवाह पेश किए। मुख्य गवाह रितेश कुमार ने न्यायालय में स्पष्ट रूप से कहा कि बस ने पैदल चलते हुए साकेन यादव को टक्कर मारी थी। मेडिकल साक्ष्य व पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी स्पष्ट हुआ था कि मौत दुर्घटना से हुई गंभीर चोटों के कारण हुई थी। बचाव पक्ष ने दावा किया कि साकेन पहले से घायल व शराब के नशे में था, लेकिन न्यायालय ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया।
न्यायालय ने कहा कि प्रस्तुत साक्ष्य व गवाहों से यह साबित होता है कि हादसा चालक की लापरवाही व तेज गति से हुआ था। लापरवाही से बस चलाने के दोष में छह माह की साधारण कैद व 1,000 रुपये जुमांना, जबकि लापरवाही से हुई मौत के तहत दो वर्ष के साधारण कैद व 5,000 रुपये जुर्माना लगाया। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
