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बिलासपुर, 27 जुलाई। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य समन्वय समिति के सदस्य रामलाल ठाकुर ने स्थानीय परिधि गृह में प्रेसवार्ता में सरकार की दूध नीति पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से दूध उत्पादक किसानों के लिए घोषित सब्सिडी और रेट बढ़ोतरी का लाभ असली पशुपालकों को नहीं, बल्कि कुछ गिने-चुने लोगों की जेब में जा रहा है। उन्होंने नम्होल, अर्की और दाड़ला की दुग्ध सहकारी समितियों पर अंगुली उठाई है। उन्होंने कहा कि ये रेट बढ़ोतरी का पूरा फायदा यही संस्थाएं उठा रही हैं। असली मेहनतकश किसान वहीं का वहीं है-फिर भी उसी कीमत पर दूध बेचने को मजबूर है।
उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा भले ही अच्छी हो, लेकिन जमीन पर इसका फायदा गांव-गांव में बैठे पशुपालकों तक नहीं पहुंच रहा। इन समितियों को हर साल करीब 3.50 करोड़ रुपए का अतिरिक्त फायदा हो रहा है, जो सीधे-सीधे इन समितियों के कर्ताधर्ताओं की जेब में जा रहा है।
उन्होंने खुलासा किया कि नम्होल की एक संस्था ने खुद को तीन हिस्सों में बांटकर तीन अलग-अलग नामों से समितियां खड़ी कर दी हैं, जबकि सभी का संचालन उन्हीं पुराने लोगों के हाथ में है। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग दूध और मिठाइयों की गुणवत्ता की कोई जांच नहीं कर रहा।
मिठाइयों में किस स्तर का घी इस्तेमाल हो रहा है या उसमें मिलावट है या नहीं, इसकी किसी को परवाह नहीं है। उन्होंने श्री नयना देवी जी क्षेत्र के किसानों की स्थिति पर भी चिंता जताई। इस क्षेत्र से सैकड़ों किसान पंजाब के संलग्न क्षेत्रों में टनों दूध बेचते हैं, लेकिन उन्हें सरकारी रेट बढ़ोतरी का कोई लाभ नहीं मिल रहा। यह अन्यायपूर्ण है और सरकार को इसकी ओर गंभीरता से देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्द मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिलकर इस पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा करेंगे।