Click Here to Share Press Release Through WhatsApp No. 82196-06517 Or Email - pressreleasenun@gmail.com

हिमाचल : पत्नी के साथ लोहे की जंजीरें बांधकर मारपीट, चीखें सुनकर गांव वालों ने बुलाई पुलिस, जानें पूरा मामला

News Updates Network
By -
0
न्यूज अपडेट्स 
मंडी, 07 जून। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के करसोग उपमंडल स्थित मझास गांव से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को खूब पीटा है। पत्नी की चीखें सुन गांव की महिलाओं ने पुलिस को तुरंत कॉल किया। 

लोहे की जंजीरों में बांधा

बता दें कि इस गांव में रहने वाले चरण दास ने अपनी पत्नी शीतला देवी को इस कदर पीटा कि उसके शरीर पर गहरे घाव और चोट के निशान बन गए। यही नहीं, हैवानियत की हद पार करते हुए आरोपी ने महिला को लोहे की जंजीरों से जकड़ दिया, पांव में बेड़ियां लगाईं और उस पर ताला भी जड़ दिया।

रात 10 बजे इस हालत में मिली महिला

इस दिल दहला देने वाले मामले का खुलासा तब हुआ जब रात करीब 10 बजे महिला की चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनकर आसपास की महिलाएं मौके पर पहुंचीं। वहां उन्होंने देखा कि महिला खून से लथपथ हालत में पड़ी है और लोहे की जंजीरों में जकड़ी हुई है।

महिला का हो रहा मेडिकल

फिलहाल महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है और उसका मेडिकल किया गया है। आज एक्स-रे सहित विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की संभावना है। पंचायत प्रतिनिधियों ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़िता के बयान दर्ज किए है।

पीड़िता की थाई, पीठ और बाजू पर गहरे घाव

पीड़िता के शरीर पर खासकर थाई, पीठ, बाजू और कान के पास गहरे जख्म के निशान पाए गए हैं। पीड़िता का बयान है कि उसका पति चरण दास अक्सर शराब पीकर उसे जान से मारने की धमकियां देता था। उसने यह भी कहा कि चरण दास ने कहा कि तू भाग जाती है, इसलिए तुझे बेड़ियों में जकड़ता हूं।

आरोपी पहले से शादीशुदा, अब दूसरी पत्नी पर जुल्म

जानकारी के मुताबिक, आरोपी चरण दास पहले से शादीशुदा है, लेकिन करीब दो महीने पहले उसने शीतला देवी को दूसरी पत्नी के रूप में अपने साथ रखा। शीतला देवी के साथ उसके तीन बच्चे भी रहते हैं। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि चरण दास लगातार शराब के नशे में रहता है और पहली पत्नी पर भी कई बार अत्याचार कर चुका है।

पीड़िता मानसिक रूप से भी अस्थिर

सामाजिक कार्यकर्ता पूर्ण चंद कौंडल के अनुसार पीड़िता मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं है। उसका अपने मायके पक्ष से कोई खास संबंध नहीं है। पिता की मृत्यु हो चुकी है और मां व भाई से भी कोई संपर्क नहीं है। शायद इसी अकेलेपन और असहायता के कारण वह चरण दास के साथ रहने को मजबूर हुई।

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!