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हाईकोर्ट के आदेशों के बाद डीजीपी का बदलना तय - एसआर ओझा हो सकते है नए DGP

Anil Kashyap
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न्यूज अपडेट्स 
हिमाचल हाईकोर्ट के आदेशों के बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) का बदलना तय है। सेंटर डेपुटेशन से एक महीने पहले ही लौटें 1989 बैच के सीनियर IPS एवं DG जेल एसआर ओझा पुलिस विभाग के नए मुखिया हो सकते हैं। सचिवालय में उनकी ताजपोशी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई है।

CM सुखविंदर सुक्खू दो दिन के लिए प्रदेश से बाहर हैं। उनके लौटते ही नए DGP की ताजपोशी हो सकती है, क्योंकि कोर्ट में DGP और निशांत मामले में 4 जनवरी को सुनवाई होनी है। लिहाजा अदालत में सरकार को अगली सुनवाई में कोर्ट के ऑर्डर की कंप्लायंस रिपोर्ट देनी है।

DGP कुंडू पद से हटाए गए तो एसआर ओझा की इस पद पर ताजपोशी हो सकती हैं। ओझा भी संजय कुंडू के ही बैच के सीनियर IAS है। संजय कुंडू अप्रैल 2024 रिटायर हो रहे हैं, जबकि एसआर ओझा मई 2025 में रिटायर होंगे।

सरकार की किरकिरी: DGP मामले में हिमाचल सरकार की किरकिरी हुई है। हाईकोर्ट इसी मामले की सुनवाई के दौरान पहले ही संकेत दे चुका था। पिछली सुनवाई में भी अदालत ने पूछा था कि स्टेट ने भी कुछ करना है या हम ही ऑर्डर करें। कोर्ट द्वारा नियुक्त न्याय मित्र नीरज गुप्ता ने भी पिछली सुनवाई में कहा था कि DGP के पद पर रहते हुए निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। फिर भी सरकार ने DGP को नहीं बदला।

DGP के बचाव में सरकार के स्टैंड से हर कोई इसलिए परेशान: हैरानी इस बात की है कि जिस DGP को बदलने के लिए विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस पार्टी राजभवन के बाहर प्रदर्शन करती है, पुलिस कांस्टेबल पेपर लीक का मास्टर माइंड बताती थी और जो पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के काफी करीबी रहे हैं, उस DGP पर इतने गंभीर आरोप लगने के बावजूद कांग्रेस सरकार उनका बचाव करती रही। सरकार के एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद DGP को नहीं बदला गया।

DGP को लेकर सरकार के पास दो रास्ते: कोर्ट के ऑर्डर के बाद सरकार के पास DGP को लेकर अब दो विकल्प बचे हैं। पहला संजय कुंडू को DGP पद से हटाने का और दूसरा लंबी छुट्टी पर भेजने का है। इसे लेकर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री सुक्खू का होगा। दोनों ही सूरत में किसी एक सीनियर IPS अधिकारी के पास DGP की कमान जाएगी।

रिटायरमेंट से पहले विवादों में घिरे कुंडू: संजय कुंडू चार महीने बाद रिटायर होने जा रहे हैं। रिटायरमेंट से पहले वह विवादों में फंसते जा रहे हैं। उन पर निशांत ने गंभीर आरोप लगाए हैं। यही नहीं SP शिमला की जांच रिपोर्ट में भी DGP को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि DGP कुंडू लंबे समय से निशांत के साथ टच में थे।

उन्होंने अनेकों बार निशांत को फोन किए। निशांत की सर्विलांस के लिए उनके पीछे पुलिस कर्मी लगाए। यह सारा विवाद प्रॉपर्टी से जुड़ा है। इतने गंभीर आरोपों के बावजूद सरकार ने DGP को बदलना ठीक नहीं समझा।

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