हिमाचल: स्थापना के 50वें वर्ष में दाखिल हुआ एचआरटीसी, यहां जानिए यात्रियों के हित में लिए गए फैंसले

न्यूज अपडेट्स 
शिमला, 28 नवंबर : हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) स्थापना के 50वें साल में दाखिल हो चुका है, लिहाजा प्रबंधन ने भी धीरे धीरे जश्न की तैयारियों में सौगात देने का सिलसिला शुरू हो गया है। ‘सी’ राज्य (C-State) बनने के बाद हिमाचल में जुलाई 1949 में यात्री व माल सेवाओं की शुरूआत हुई थी। 1958 में संयुक्त रूप से मंडी-कुल्लू सड़क परिवहन निगम मौजूद में आया। निगम प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि 50 वर्ष में प्रवेश को उत्सव की तरह मनाया जा रहा है।

1966 में पंजाब के पहाड़ी इलाकों का हिमाचल में विलय हुआ तो इस निगम का विस्तार क्षेत्र भी बढ़ गया। 2 अक्तूबर 1974 को हिमाचल परिवहन का विलय मंडी-कुल्लू सड़क यातायात निगम में हो गया। यहीं से हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम का सफर शुरू हो गया। 1974 में 379 रूट थे, जो दिसंबर 2018 तक बढ़कर 2850 हो गए।

खैर, निगम प्रबंधन ने नवंबर माह से यात्रियों की सुविधा को बढ़ाने के साथ-साथ शानदार पुरस्कार देने शुरू कर दिए हैं। इत्तफाकन मौजूदा में हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक (Managing Director of HRTC) के पद पर तेजतर्रार आईएएस अधिकारी रोहन ठाकुर (IAS Rohan Thakur) तैनात हैं। 

ऑनलाइन बनेंगे बस पास: निगम ने कॉलेज के छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत दी है। इसके तहत छात्रों के पास ऑनलाइन ही बन सकेंगे। जल्द ही इस व्यवस्था को प्राथमिक चरण में शिमला से शुरू किया जा रहा है। इसके बाद ये सुविधा समूचे राज्य में करने की योजना है। 

फोटो और वीडियोग्राफी प्रतियोगिता: निगम ने एक प्रतियोगिता का भी ऐलान किया है, इसमें बस अड्डों, बसों से जुडे़ फोटो व वीडियो प्रबंधन को भेजने होंगे। वेबसाइट पर 16 नवंबर से वीडियो व फोटो अपलोड करने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है। बेहतरीन वीडियो भेजने वाले को क्रमशः 8, 5 व 3 हजार का इनाम दिया जाएगा। इसी तरह बेस्ट फोटो को 5, 3 व 2 हजार रुपए मिलेंगे। निगम की कमेटी अंतिम निर्णय लेगी।

यात्री हित में लिए गए फैंसले : उधर, हाल ही में निगम ने शिमला से दिल्ली व चंडीगढ़ एयरपोर्ट के लिए वोल्वो बस (Volvo Bus of HRTC) सेवा भी शुरू की है। ये वोल्वो शिमला एयरपोर्ट से संचालित होगी। यानी, निगम की कनेक्टिीविटी तीन एयरपोर्टस से जुड़ गई है। खास बात ये है कि निगम की इन बसों के रूटों में भी बदलाव किया गया है।

ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात: समय की बर्बादी के मद्देनजर वॉल्वो बस सेवा को पिंजौर बाईपास से ही चलाने का निर्णय लिया गया है। शिमला से दिल्ली की तरफ जाने वाली तमाम वोल्वो बसें पिंजौर बाईपास से ही निकलेंगी। दिल्ली से रात साढे़ 9 व साढ़े 10 बजे की वॉल्वो बसें जीरकपुर से सीधे पंचकुला होते हुए शिमला पहुंचेगी। शिमला से सुबह पौने 8 बजे वॉल्वो बस पंचकुला से ट्रिब्यून चौक होकर जाएंगी। शिमला से चंडीगढ़ एयरपोर्ट बस सेवा भी पिंजौर बाईपास पर चलेंगी। ट्रैफिक जाम से बचाव होने पर यात्रियों के समय में बचत होगी।

यात्रियों के समय की बचत का रखा ध्यान : उधर, निगम द्वारा यात्रियों के सफर को आरामदायक बनाने के लिए अन्य कदम भी उठाए जा रहे हैं। चूंकि, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा सुंदरनगर-कीरतपुर फोरलेन पर आवाजाही शुरू कर दी गई है, लिहाजा निगम ने कुछ बसों को फोरलेन पर डायवर्ट कर दिया है। साथ ही कुछ बसें बिलासपुर-स्वारघाट-कीरतपुर मार्ग (Bilaspur-Swarghat-Kiratpur route) पर संचालित होंगी। निगम को यात्रियों द्वारा लगातार ये सुझाव मिल रहे थे कि फोरलेन पर वॉल्वो बस सेवा डायवर्ट होनी चाहिए।

वोल्वो बसों को किया फोरलेन से डायवर्ट: बहरहाल, निगम ने मनाली से चलने वाली प्रत्येक वॉल्वो बस को नेरचौक तक सुनिश्चित किया है। नेरचौक के यात्री परिवहन की वॉल्वो बस सेवा को डडौर से ले सकते हैं। मनाली से दिल्ली सांय 3, 4, 5, 6 व 9 बजे चलने वाली वॉल्वो बसें सुंदरनगर से कीरतपुर फोरलेन पर  चलेंगी। मनाली से चंडीगढ़, मनाली-हरिद्वार बसें फोरलेन पर चलेंगी, जबकि मनाली-दिल्ली, मनाली-हरिद्वार व चंडीगढ़ वॉल्वो के तीन रूट बिलासपुर होते हुए संचालित किए जाएंगे।

हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर का कहना है कि स्थापना की स्वर्ण जयंती को एक उत्सव की तरह मनाया जाएगा। निगम स्वर्ण जयंती (Golden Jubilee) वर्ष में दाखिल हो चुका है। लिहाजा, यात्रियों की इच्छा अनुसार सुझाव पर तेजी से कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
Previous Post Next Post