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शिमला, 08 सितंबर। हाईकोर्ट ने सिर पर हथौड़े से जानलेवा हमला करने के आरोपी की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश राकेश कैंथला ने स्पष्ट किया कि बिना परिस्थितियों में किसी बड़े बदलाव के बार-बार जमानत अर्जी दाखिल करना पहले दिए गए फैसले की समीक्षा करने जैसा है, जिसकी आपराधिक कानून में अनुमति नहीं है।
कोर्ट ने पाया कि आरोपी की पहली जमानत याचिका 20 मार्च, 2026 को ही खारिज की जा चुकी थी। कोर्ट ने आरोपी की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि मामले की सुनवाई में देरी हो रही है।
रिकॉर्ड के अनुसार 1 साल के भीतर कुल 27 गवाहों में से 11 के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जो कि सामान्य गति है। कोर्ट ने अपराध को जघन्य और सजा को गंभीर मानते हुए याचिकाकर्त्ता को नियमित जमानत पर रिहा करने से इंकार कर दिया है।
