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हमीरपुर, 01 सितंबर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बारिश से जहां बुनियादी ढांचे को भारी नुक्सान पहुंचा है, वहीं जिले में इस मानसून सीजन के दौरान हुए कुल नुक्सान का आंकड़ा 71.26 करोड़ रुपए को पार कर गया है। भारी बारिश ने हमीरपुर से मंडी वाया टौणीदेवी नैशनल हाईवे-3 के निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। दरकोटी के आगे हमीरपुर की तरफ नवनिर्मित बाईपास के पास हाईवे धंसने लगा है, जिससे इस मुख्य मार्ग के कभी भी पूरी तरह बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। इसके साथ ही, पुंग खड्ड में आई अचानक बाढ़ के कारण वहां काम कर रही एक जेसीबी मशीन तेज बहाव में बह गई और पुल के पास जाकर फंस गई, जिससे मशीन को भारी क्षति पहुंची है।
अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अभिषेक गर्ग ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एमरजैंसी ऑप्रेशन सैंटर की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि पिछले दो दिनों के दौरान जिले भर में 11.25 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान आंका गया है। इसमें सबसे ज्यादा 10 करोड़ रुपये की चपत लोक निर्माण विभाग को लगी है। इसके अलावा जल शक्ति विभाग को 1.24 करोड़ और बिजली बोर्ड की लाइनों को करीब एक लाख रुपए का नुक्सान हुआ है। बीते 24 घंटों में एक कच्चा मकान आंशिक रूप से और दो गौशालाएं पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं।
एडीसी के अनुसार 30 जून के बाद से अब तक इस मानसून सीजन में सरकारी और निजी संपत्ति के नुक्सान का आंकड़ा 71.26 करोड़ रुपए को पार कर गया है। इसमें सर्वाधिक नुक्सान लोक निर्माण विभाग को (45.33 करोड़) हुआ है। इसके बाद जल शक्ति विभाग को 23.42 करोड़, बिजली बोर्ड को 1.13 करोड़, नेशनल हाईवे को 50.22 लाख और शिक्षा विभाग को 17.70 लाख रुपए की क्षति हुई है। सरकारी भवनों में एक पंचायत घर (3.50 लाख) और 2 किचन शैड (65 हजार) को नुक्सान पहुंचा है, जबकि बागवानी फसलों को 43.56 लाख रुपए का नुक्सान हुआ है।
निजी संपत्तियों और मकानों को भारी क्षति
लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन को भी गहरे जख्म दिए हैं। इस सीजन में अब तक एक पक्का और 6 कच्चे मकान पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं, जिससे करीब 14.45 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। वहीं, 28 कच्चे और 5 पक्के मकानों को आंशिक नुक्सान पहुंचा है (15.07 लाख का नुक्सान)। इसके अलावा 32 गऊशालाएं ढहने से 8.85 लाख और 4 डंगे (सुरक्षा दीवार) गिरने से 2.40 लाख रुपए का नुक्सान आंका गया है।
अधिकारियों को तत्काल रिपोर्ट और राहत देने के निर्देश
हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। एडीसी अभिषेक गर्ग ने राजस्व विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे नुक्सान की विस्तृत रिपोर्ट तुरंत जिला मुख्यालय प्रेषित करें। इसका मुख्य उद्देश्य प्रभावित परिवारों को बिना किसी देरी के फौरी राहत और आवश्यक आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है।
