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शिमला, 25 जुलाई। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विदेश के पात्र चिकित्सा महाविद्यालयों से एमबीबीएस कर चुके तथा कोविड-19 महामारी के दौरान ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करने वाले चिकित्सा स्नातकों को बड़ी राहत देते हुए उनकी इंटर्नशिप अवधि एक वर्ष करने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार को मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान निष्पक्ष, व्यावहारिक और छात्र हितैषी दृष्टिकोण से करेगी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थितियों की वजह से किसी भी पात्र विद्यार्थी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश से एमबीबीएस करने वाले विद्यार्थियों की इंटर्नशिप अवधि को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। एक ही शैक्षणिक बैच के कुछ विद्यार्थियों को एक वर्ष की इंटर्नशिप की अनुमति दी गई थी, जबकि समान परिस्थितियों में पढ़ाई करने वाले अन्य विद्यार्थियों को दो वर्ष की इंटर्नशिप करने के निर्देश दिए गए थे।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने कोविड-19 महामारी के दौरान ऑनलाइन माध्यम से अध्ययन करने वाले विदेशी चिकित्सा स्नातकों के लिए प्रतिपूरक प्रशिक्षण अवधि का आकलन करने का अधिकार राज्य सरकारों को सौंपा है। इसी के आधार पर राज्य सरकार ने पात्र विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप अवधि एक वर्ष निर्धारित करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर जल्द आदेश जारी करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित विद्यार्थी बिना किसी देरी के अपनी इंटर्नशिप शुरू या पूरी कर सकें।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से बड़ी संख्या में चिकित्सा स्नातकों को राहत मिलेगी और वे बिना अनावश्यक बाधाओं के अपने चिकित्सा करियर को आगे बढ़ा सकेंगे। साथ ही राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी मजबूत होगी।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार तथा चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. गोपाल बेरी भी उपस्थित रहे।
