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शिमला, 04 मई। हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस के साथ हुए भीषण हादसे ने यात्रियों की सुरक्षा की पोल खोल दी है। दिल्ली रूट पर जा रही बस की करनाल के मधुबन के पास एक टैंकर से जोरदार टक्कर हुई थी। इस दुर्घटना में बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।
हैरानी की बात यह है कि बस की सीटें तक उखड़ गईं। अब कर्मचारी यूनियनों ने निगम प्रबंधन से इस मामले की गहन जांच की मांग उठाई है।
पिछले महीने 12 अप्रैल को दिल्ली रूट पर जा रही बस नंबर एचपी 52 सी 2292 दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। बस और टैंकर की टक्कर इतनी भयानक थी कि बस का डैशबोर्ड टूट गया। यूनियन नेताओं ने बीएस-6 मॉडल की इस नई बस के सेफ्टी फीचर्स पर गहरी चिंता जताई है। एचआरटीसी सर्व कर्मचारी यूनियन के महासचिव खमेंद्र गुप्ता ने बस निर्माण की गुणवत्ता पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि सीटों का उखड़ना बड़ा खतरा है।
एचआरटीसी इंटक के प्रदेशाध्यक्ष समर चौहान और परिवहन मजदूर संघ के महासचिव हरीश पराशर ने भी घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि निगम ने हाल ही में काफी पैसा खर्च करके ये नई बसें खरीदी हैं। इसके बावजूद इन बसों में यात्रियों और चालक की सुरक्षा भगवान भरोसे है। हादसे में सीटों का अपने स्थान से बाहर निकल जाना बेहद डरावना है। यूनियनों ने प्रबंधन से जांच करवाकर सख्त कदम उठाने की जोरदार मांग की है।
