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ऊना, 02 मई। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में आए दिन हो रहे विभिन्न हादसे न केवल सरकारी दावों की पोल खोल रहे हैं, बल्कि कई हंसते.खेलते परिवारों को भी उजाड़ रहे हैं। सड़कों पर रेंगती मौत हो या फिर बुनियादी ढांचे की खामियां, बेगुनाह जिंदगियां लगातार काल का ग्रास बन रही हैं। ऐसा ही एक बेहद दर्दनाक हादसा शुक्रवार सुबह ऊना जिला के गगरेट विधानसभा क्षेत्र में सामने आयाए जहां एक परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ाए जब घर के कमाऊ बेटे की खेत में काम करते समय बिजली का करंट लगने से मौत हो गई।
घटना थाना गगरेट के अंतर्गत आने वाले गांव जाड़ला कोहड़ी की है। प्राप्त जानकारी के अनुसारए गांव का 42 वर्षीय किसान सुनील कुमारए पुत्र स्वर्गीय बेली रामए रोजमर्रा की तरह शुक्रवार सुबह अपने खेतों में काम करने गया था। परिवार को क्या पता था कि मेहनत.मशक्कत के लिए घर से निकल रहा उनका बेटा अब कभी लौटकर नहीं आएगा।
सुनील कुमार अपने खेत के काम में मशगूल था। खेत के बिल्कुल किनारे लगे बिजली के एक खंभे से कोई तार नीचे लटक रही थी या उसमें करंट उतरा हुआ था। काम करते-करते सुनील अनजाने में उस तार के संपर्क में आ गया। बिजली का झटका इतना ज़ोरदार था कि सुनील को संभलने का एक पल भी नहीं मिला और वह अचेत होकर मौके पर ही गिर पड़ा।
आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीणों ने जब सुनील को गिरते देखा, तो वे तुरंत उसकी ओर दौड़े। उन्होंने बिजली की सप्लाई काटने और सुनील को बचाने का प्रयास किया, लेकिन अफसोस, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बिजली के जानलेवा झटके ने सुनील की जान ले ली थी।इस हृदयविदारक घटना की खबर जैसे ही जाड़ला कोहड़ी गांव में फैली, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के घर पर चीख-पुकार मच गई। बदहवास परिजन और ग्रामीण मौके पर इक्ट्ठा हो गए। 42 वर्षीय सुनील अपने परिवार का मुख्य सहारा था, और उसकी अचानक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
घटना की सूचना मिलते ही गगरेट पुलिस थाना की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए और घटनास्थल की फोटोग्राफी की। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों और परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि हो पाएगी।
इस हादसे ने एक बार फिर बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि खेतों के बीच या किनारे से गुजर रही बिजली की तारों और खंभों के रखरखाव की उचित व्यवस्था क्यों नहीं की जाती? क्या विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतज़ार था? सुनील कुमार की मौत का ज़िम्मेदार कौन है?
मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी अंब, अनिल पटियाल ने बताया कि जाड़ला कोहड़ी गांव में करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने मौके पर जाकर कार्रवाई की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत (या नई संहिता की संबंधित धारा के तहत) मामला दर्ज कर आगामी वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है और हर पहलू से जांच की जा रही है कि हादसा कैसे हुआ।
