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शिमला, 20 अप्रैल। शिमला जिले में नकली सोने के आभूषण गिरवी रखकर बैंक से 34.73 लाख रुपये का ऋण लेने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने बैंक प्रबंधन की शिकायत पर छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला बैंक ऑफ इंडिया की मालरोड शाखा से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 से 2023 के बीच छह अलग-अलग लोगों ने गोल्ड लोन के नाम पर आभूषण गिरवी रखे और लाखों रुपये का ऋण लिया। इन गहनों के साथ बैंक के पैनल ज्वेलर का प्रमाण पत्र भी लगाया गया था, जिसमें इन्हें 22 कैरेट सोना बताया गया।
मामला तब सामने आया जब बैंक ने आभूषणों की किसी अन्य ज्वेलर से दोबारा मूल्यांकन (री-वैल्यूएशन) करवाया। जांच में सभी गहने नकली पाए गए। इसके बाद बैंक ने आरोपियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए, लेकिन अधिकांश ने कोई भुगतान नहीं किया। 16 अप्रैल को बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक एवं शाखा प्रभारी अंकुश रांगटा ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने जानबूझकर नकली आभूषण गिरवी रखकर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया। अंकिता कुमार ने वर्ष 2023 में करीब 198.600 ग्राम आभूषण गिरवी रखकर 6.63 लाख रुपये का ऋण लिया। इंद्र जस्टा ने 100 से 115 ग्राम आभूषणों के आधार पर 4.50 लाख और 5.25 लाख रुपये के लोन लिए। वासुदेव पाठक ने सितंबर 2023 में करीब 182.660 ग्राम आभूषण गिरवी रखकर 8.20 लाख रुपये का ऋण लिया।
इसी तरह तानिया ने 69.10 ग्राम आभूषणों पर 2.60 लाख रुपये और लीला देवी ने वर्ष 2020 में 84.25 ग्राम सोने के आधार पर 2.05 लाख रुपये का ऋण लिया। री-वैल्यूएशन में इन आभूषणों का कुछ हिस्सा नकली पाया गया। वहीं सोनू कुमार गुप्ता ने 162.59 ग्राम आभूषण गिरवी रखकर 5.50 लाख रुपये का ऋण लिया था, जिसे उन्होंने बाद में चुका दिया।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपियों ने किस तरह नकली सोने को असली बताकर बैंक से ऋण हासिल किया। जल्द ही सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले भी जिले के कई बैंकों में नकली सोना गिरवी रखकर धोखाधड़ी के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे बैंकिंग व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
