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चंबा, 10 अप्रैल। हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में आज यानी गुरुवार को उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब आउटसोर्स कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने मुख्य गेट के बाहर चक्का-जाम कर दिया। इस प्रदर्शन के चलते अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ओपीडी सेवाएं तो चलती रहीं, लेकिन पर्ची काउंटर बंद रहने से कई मरीज समय पर इलाज नहीं करा सके।
दरअसल, यह विवाद बुधवार देर रात शुरू हुआ, जब एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजनों और डॉक्टरों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई। हालात उस समय और बिगड़ गए, जब बीच-बचाव करने पहुंचे सुरक्षाकर्मियों के साथ भी मारपीट की गई।इस घटना के विरोध में सुबह होते ही सुरक्षाकर्मी एकजुट हो गए और उन्होंने मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार पर धरना देते हुए चक्का-जाम कर दिया। उनके साथ अन्य आउटसोर्स कर्मचारी भी शामिल हो गए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में आए दिन उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की घटनाएं हो रही हैं, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। उन्होंने दोषियों की गिरफ्तारी और अस्पताल में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन भी हरकत में आया।एसडीएम चंबा प्रियांशु खाती मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि शाम तक आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस भरोसे के बाद कर्मचारियों ने प्रदर्शन समाप्त कर अपने काम पर लौटना शुरू कर दिया।
उधर, डॉक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना बेहद जरूरी है। घटना से जुड़ा वीडियो पुलिस को सौंप दिया गया है, जिसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है।कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और प्रशासन से स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग की। वहीं प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
