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बिलासपुर, 20 अप्रैल। सेकेंड हैंड गाड़ियों की खरीद-फरोख्त के नाम पर धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है. आरोप है कि एक कथित वाहन विक्रेता ने चोरी की स्कार्पियो गाड़ी को बेचकर लाखों का चूना लगा दिया. आरोपी ने फर्जी नंबर प्लेट, गलत इंजन के साथ चेसिस नंबर और नकली रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) लगाकर 14 लाख में गाड़ी को बेचा था. अब इस मामले में चोरी का एंगल सामने आया है।
मामले का खुलासा पुलिस जांच के दौरान हुआ, जिसके बाद शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है. घुमारवीं निवासी अशोक कुमार ने बताया कि दिसंबर 2025 में उसने अराफात हुसैन नामक व्यक्ति से 14 लाख रुपये में काले रंग की स्कार्पियो का सौदा तय किया था. आरोपी खुद को सेकेंड हैंड गाड़ियों का कारोबारी बताता था. शिकायतकर्ता के अनुसार, 28 दिसंबर 2025 को उन्होंने अपने मित्र की मौजूदगी में 3 लाख रुपये नकद आरोपी को दिए, जबकि शेष राशि के लिए पंजाब नेशनल बैंक, एम्स शाखा बिलासपुर से 11.50 लाख रुपये का व्हीक्ल लोन लिया. इसके बाद 13 जनवरी 2026 को आरोपी के कहने पर 10.50 लाख रुपये उसके बताए गए एचडीएफसी बैंक खाते में जमा करवा दिए गए।
मामले का खुलासा 28 फरवरी 2026 को उस समय हुआ जब शिमला पुलिस की जांच में संबंधित वाहन चोरी का पाया गया, जिसकी रिपोर्ट पंजाब के अमृतसर में दर्ज थी. आगे की जांच में गाड़ी के इंजन और चेसिस नंबर भी फर्जी पाए गए, जबकि दी गई आरसी भी नकली निकली. पीड़ित ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी कर उसे अपने जाल में फंसाया और लाखों रुपये ठग लिए।
आपको बता दें कि बिलासपुर आरएलए ब्रांच में इससे पहले ही चोरी की गाड़ियों की रेजिस्ट्रेशन करवारकर बड़े फर्जीवाड़े अंजाम दिया गया था, जिसको लेकर दिल्ली पुलिस की टीम ने आरएलए कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था. एक आरोपित अभी तक फरार चला हुआ है. अब इस नए मामले की जांच पुराने मामले के साथ जोड़ कर रही है. एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने कहा कि चोरी की गाड़ी को लेकर मामला दर्ज हुआ है. पुलिस सारे मामले की जांच कर रही है।
