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शिमला, 16 मार्च। हिमाचल प्रदेश के 22 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाले कुछ दिन बड़े बदलाव लेकर आ सकते हैं। राज्य विद्युत नियामक आयोग (HPERC) बिजली की नई दरों को लेकर इसी सप्ताह घोषणा कर सकता है। राज्य बिजली बोर्ड द्वारा दायर की गई टैरिफ बढ़ोतरी की याचिका पर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब आयोग अंतिम प्रारूप को औपचारिक रूप देने में जुटा है।
राज्य बिजली बोर्ड ने अपनी वित्तीय स्थिति और बढ़ते खर्चों का हवाला देते हुए घरेलू व अन्य श्रेणियों के लिए 7 पैसे से लेकर 30 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव आयोग के समक्ष रखा है। बोर्ड का तर्क है कि सरकार द्वारा मिलने वाली मुफ्त बिजली की उपलब्धता कम होने के कारण उसे बाहरी स्रोतों से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है। इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को कम करने के लिए दरों में संशोधन अनिवार्य बताया गया है।
नियामक आयोग ने बिजली बोर्ड की इस याचिका पर तीन चरणों में विस्तृत सुनवाई की है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शिमला में एक 'ओपन हाउस' संवाद भी आयोजित किया गया था, जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ औद्योगिक और व्यावसायिक संगठनों ने भी अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराए। आयोग अब इन सभी सुझावों का विश्लेषण करने के बाद नए टैरिफ चार्ट को अंतिम रूप दे रहा है।
नियमों के अनुसार, बिजली बोर्ड की याचिका पर 120 दिनों के भीतर फैसला सुनाना अनिवार्य होता है। चूंकि नया वित्तीय वर्ष शुरू होने वाला है, इसलिए इन नई दरों को 1 अप्रैल से प्रभावी किया जाना प्रस्तावित है। यदि आयोग इस सप्ताह घोषणा करता है, तो अगले महीने से प्रदेशवासियों को बिजली के संशोधित बिल चुकाने पड़ सकते हैं।
