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हिमाचल: शिमला के पूर्व SP संजीव गांधी को CBI का समन, जांच में सहयोग करने के निर्देश

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न्यूज अपडेट्स 
शिमला, 16 मार्च। हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के पूर्व चीफ इंजीनियर विमल नेगी की रहस्यमय मौत के मामले में जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी ने अब जांच का दायरा और तेज कर दिया है। इसी क्रम में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने शिमला के पूर्व पुलिस अधीक्षक को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उन्हें दिल्ली के लोधी रोड स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में स्थित सीबीआई मुख्यालय में उपस्थित होकर जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए थे।

बताया जा रहा है कि सीबीआई की ओर से यह समन 2 मार्च को जारी किया गया था, जिसमें उन्हें 6 मार्च को जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया। मामले की जांच कर रहे सीबीआई के डीएसपी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 179 के तहत यह समन जारी किया है। समन में उल्लेख किया गया है कि संजीव गांधी इस पूरे मामले की परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं, इसलिए जांच के दौरान उनसे कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जानी है।

दरअसल यह पूरा मामला हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के पूर्व चीफ इंजीनियर विमल नेगी की संदिग्ध मौत से जुड़ा हुआ है। इस मामले में सीबीआई पहले ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 3(5) के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर चुकी है। हालांकि अब तक जांच एजेंसी की ओर से कोई बड़ा खुलासा सामने नहीं आया है, जिसके चलते जांच की गति और दिशा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

इस मामले में पावर कॉरपोरेशन के पूर्व निदेशक (इलेक्ट्रिकल) को आरोपी बनाया गया है। उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई थी। अदालत ने जांच की धीमी प्रगति और ठोस साक्ष्य पेश न किए जाने पर नाराजगी जताई थी और जांच एजेंसी से मामले में तेजी लाने के निर्देश भी दिए थे। गौरतलब है कि यह मामला पिछले वर्ष मार्च में सामने आया था। जानकारी के अनुसार 10 मार्च 2025 को विमल नेगी शिमला से बिलासपुर के लिए निकले थे। इसके बाद अचानक उनका संपर्क परिवार और परिचितों से टूट गया और वे लापता हो गए। कई दिनों तक तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं लग पाया था।

करीब आठ दिन बाद 18 मार्च को उनका शव बिलासपुर जिले के शाहतलाई क्षेत्र में एक दरिया से बरामद हुआ था। इस घटना ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। शव मिलने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया और कई तरह के सवाल उठने लगे। मृतक के परिजनों ने शुरू से ही इस मामले को संदिग्ध बताते हुए इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला बताया था। परिजनों का कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। उन्होंने इस संबंध में उच्च स्तर की जांच की मांग भी उठाई थी।

शुरुआत में इस मामले की जांच शिमला पुलिस द्वारा की जा रही थी। उस समय शिमला जिले के पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात रहे संजीव गांधी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ भी की थी और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की गई थी।हालांकि लंबे समय तक जांच के बावजूद कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आ पाया। इसके बाद यह मामला धीरे-धीरे राजनीतिक रंग लेने लगा। विपक्षी दलों, विशेष रूप से ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए प्रदेश सरकार पर निष्पक्ष जांच कराने का दबाव बनाया।

दूसरी ओर मृतक के परिजनों ने भी मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने में याचिका दायर कर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) और तत्कालीन डीजीपी की रिपोर्ट भी पेश की गई थी। इन रिपोर्टों में पावर कॉरपोरेशन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं का उल्लेख किया गया था। साथ ही डीजीपी की रिपोर्ट में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली को लेकर भी कुछ सवाल उठाए गए थे। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए थे।

सीबीआई को जांच सौंपी जाने के बाद एजेंसी ने मामले की नए सिरे से जांच शुरू की। जांच के दौरान कई अधिकारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की गई है। इस प्रकरण में पावर कॉरपोरेशन के तत्कालीन प्रबंध निदेशक का नाम भी चर्चा में रहा है। वर्तमान में वह खेल विभाग में निदेशक के पद पर कार्यरत बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी अब इस मामले से जुड़े हर पहलू की पड़ताल कर रही है। इसी क्रम में पूर्व एसपी संजीव गांधी को समन जारी कर उनसे पूछताछ करने का निर्णय लिया गया है, ताकि मामले से जुड़े घटनाक्रम और उस समय की जांच प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी हासिल की जा सके।

फिलहाल सीबीआई की जांच जारी है और एजेंसी विभिन्न तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। पूर्व एसपी को समन जारी होने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब प्रदेशभर में लोगों की नजरें सीबीआई की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं और यह उम्मीद जताई जा रही है कि जांच पूरी होने के बाद इस रहस्यमय मौत की सच्चाई सामने आ सकेगी।

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