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शिमला, 03 फरवरी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एचपीएसईडीसी) के निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में निगम के कार्यों, वित्तीय स्थिति और भावी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने निगम के आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय को प्रत्येक माह की 7 तारीख तक अनिवार्य रूप से जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, ताकि उन्हें दैनिक खर्चों के निर्वहन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निगम की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में एचपीएसईडीसी ने 275 करोड़ रुपये का टर्नओवर दर्ज किया, जिसमें 15 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ रहा। वहीं वित्त वर्ष 2024-25 में निगम का टर्नओवर 300 करोड़ रुपये तक पहुंचा और 18 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष में 31 दिसंबर, 2025 तक निगम 199.25 करोड़ रुपये का कारोबार कर चुका है।
मुख्यमंत्री ने निविदाओं पर लागू तकनीकी शुल्क में संशोधन के भी निर्देश दिए। इसके तहत 5 करोड़ रुपये तक के टेंडरों पर 5 प्रतिशत, 5 करोड़ से अधिक और 10 करोड़ रुपये तक के टेंडरों पर 3 प्रतिशत तथा 10 करोड़ रुपये से अधिक के टेंडरों पर 2 प्रतिशत तकनीकी शुल्क निर्धारित किया जाएगा, ताकि निविदा प्रक्रिया अधिक व्यवहारिक और संतुलित बन सके।
निदेशक मंडल की बैठक में निगम के नाम में परिवर्तन को भी मंजूरी दी गई। अब हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम को ‘हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैनपावर एवं ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट कॉरपोरेशन’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम राज्य के युवाओं को विदेशों में रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है, इसी को ध्यान में रखते हुए नाम परिवर्तन किया गया है।
