न्यूज अपडेट्स
शिमला, 07 जनवरी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री सहारा योजना और हिमकेयर योजना की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी व्यवस्थाओं को और अधिक सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
मुख्यमंत्री ने सहारा योजना का लोकल ऑडिट कराने के निर्देश दिए, ताकि योजना के अंतर्गत केवल पात्र लाभार्थियों को ही सहायता मिल सके। इसके साथ ही लाभार्थियों के सत्यापन के लिए जिला स्तर पर तीन सदस्यीय समितियों के गठन के आदेश भी दिए गए। उन्होंने सहारा योजना के लाभार्थियों को हिम परिवार पोर्टल से जोड़ने पर भी बल दिया।
हिमकेयर योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने योजना के विभिन्न मापदंडों और बजट को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि हिमकेयर योजना के तहत पंजीकरण के समय लाभार्थियों का सत्यापन फेस रिकॉग्निशन आधारित प्रणाली से किया जाएगा, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग और डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमकेयर योजना के तहत एकत्रित डेटा का विश्लेषण कर प्रदेश में विभिन्न बीमारियों की स्थिति का आकलन किया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण में मदद मिलेगी। उन्होंने हिमकेयर योजना के अंतर्गत निजी अस्पतालों की लंबित देय राशि का शीघ्र भुगतान करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा, सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्राइवेट वार्ड में इलाज की अनुमति देने का भी निर्णय लिया गया।
स्वस्थ हिमाचल की परिकल्पना पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नागरिकों को घर के समीप गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए रोबोटिक सर्जरी, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, पैट स्कैन और स्पैक्ट-स्कैन जैसी आधुनिक सुविधाएं स्थापित की गई हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थान, रोगी मित्र योजना, वैलनेस सेंटर और आईजीएमसी शिमला में ट्रॉमा सेंटर जैसी पहलें स्वास्थ्य क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (नवीनीकरण, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस) गोकुल बुटेल, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, सचिव स्वास्थ्य प्रियंका बासु इंग्टी सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
